लखवाड़ गांव के लोगों को एक महीने से पानी की एक बूंद नसीब नहीं हुई है। लोग पानी के लिए गाड़-गदेरे में भटक रहे हैं। शिकायत के बाद भी लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
स्थानीय नागरिक दिनेश लखेड़ा ने जलसंस्थान पर गांव की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि गांव में पिछले छह महीने पहले छह लाख की लागत से पेयजल लाइन की मरम्मत की थी लेकिन पांच महीने में ही लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है।
इस कारण ग्राम पंचायत में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। लोग एक किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पीने के लिए और पालतू जानवरों के लिए गदेरे से पानी ढोने को मजबूर हैं। कई बार विभाग को लिखित और मौखिक सूचना दी गई, लेकिन लाइन ठीक करना तो दूर कर्मचारी देखने तक नहीं आ रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
जलसंस्थान के सहायक अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि योजना जल निगम को स्थानांतरित हो गई है। जल निगम की ओर से लखवाड़ पेयजल योजना का पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा है, इसलिए पेयजल लाइन में दिक्कत आ रही है।