कोटद्वार। बृहस्पतिवार रात करीब एक बजे से शुरू हुई भारी बारिश ने दुगड्डा, यमकेश्वर व लैंसडौन क्षेत्र में लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। मलबा आने से जहां कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग करीब 10 घंटे बाधित रहा, वहीं क्षेत्र की चार अन्य सड़कें यातायात के लिए नहीं खोली जा सकी हैं। कई ग्रामीण मार्गों पर लोग पैदल आवाजाही कर गंतव्य तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं। लोनिवि और पीएमजीएसवाई को सड़क खोलने के लिए मौसम खुलने का इंतजार है।
बृहस्पतिवार मध्य रात्रि से दुगड्डा और आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश शुरू हो गई थी। बारिश के साथ ही पहाड़ियों का दरकना शुरू हो गया। कोटद्वार से करीब 12 किमी पर स्थित पुलिंडा मार्ग पर एक चट्टान टूटकर सड़क पर आ गई। सूचना मिलते ही पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड की ओर से जेसीबी मशीन भेजकर चट्टान हटाई गई। पूर्वाह्न 11:00 बजे मार्ग को यातायात के लिए खोला जा सका। शिक्षक सतीश देवरानी, हरि सिंह नेगी, राम सिंह ने बताया कि क्षेत्रवासियों को चट्टान के ऊपर से पैदल आवाजाही करनी पड़ी।
लैंसडौन क्षेत्र में भारी बारिश से मलबे के कारण छिनखाल-कमेडा मोटर मार्ग, जयहरीखाल से जयहरी-लिंगवाणा मोटर मार्ग, नैनीडांडा-शंकरपुर मोटर मार्ग, राजबाट-रिंगवाड मोटर मार्ग कई जगहों पर बाधित हो गए हैं। लोनिवि के संबंधित खंडों की ओर से सड़क खोलने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन मौसम की प्रतिकूलता के कारण देर शाम तक इन मार्गों को यातायात के लिए नहीं खोला जा सका। पीएमजीएसवाई के सिंचाई खंड कोटद्वार के सहायक अभियंता योगेंद्र सिंह ने बताया कि कोटद्वार पुलिंडा मार्ग पर 12 किमी चट्टान टूटने के कारण काफी संवेदनशील बना हुआ है। शुक्रवार को 11 बजे मलबा हटाने के बाद यातायात शुरू करवा दिया गया है।