बाईपास से गुजर रहीं बसें, सीजन में रूट पर 20 बसें होती हैं संचालित
कोटद्वार। कांवड़ यात्रा के कारण मैदानी क्षेत्रों से जुड़ी कोटद्वार रोडवेज डिपो की बसाें का संचालन अब भी प्रभावित है। बसों का रूट डायवर्जन और जहां-तहां बारिश होने के कारण बसों को पर्याप्त यात्री नहीं मिलने से डिपो की लाखों की आय प्रभावित हो चुकी है।
कोटद्वार रोडवेज डिपो की आय का मुख्य स्रोत दिल्ली रूट है। इस रूट पर सीजन में 20 बसें संचालित की जाती है। आम दिनों में औसतन 15 बसों का संचालन होता है। वहीं, फरीदाबाद, गुरुग्राम, जयपुर, नोएडा रूट पर संचालित बसों का संचालन भी दिल्ली रूट एवं एनसीआर से होता है। इन सभी बसों को कोटद्वार से नजीबाबाद जाना ही होता है। कोटद्वार में पर्याप्त यात्री नहीं मिलने पर डिपो को नजीबाबाद से यात्री मिलने की संभावना रहती है लेकिन इन दिनों कोटद्वार डिपो की बसें नजीबाबाद नहीं जा पा रही है।
जिला बिजनौर प्रशासन ने अब भी नजीबाबाद शहर के भीतर से भारी वाहनों की आवाजाही को बंद किया है। कोटद्वार से नजीबाबाद जाने वाली रोडवेज बसों को नजीबाबाद से करीब पांच किमी पहले फ्लाईओवर से बाईपास मार्गों से गुजारा जा रहा है। बसें बिजनौर मार्ग पर नजीबाबाद से करीब चार किलोमीटर दूरी से दिल्ली एवं अन्य रूट के लिए रवाना हो रही है।
यूपी के जिला बिजनौर प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रा को देखते हुए अभी हाईवे से बसों का यातायात बंद किया हुआ है। यात्री नहीं मिलने से रूट डायवर्जन से अब तक डिपो की लाखों रुपये की आय प्रभावित हुई है। -अनुराग पुरोहित, एआरएम, कोटद्वार।