भाबर के किशनपुर में आयोजित रामलीला मंचन के छठवें दिन राजा दशरथ की मृत्यु, कैकई-भरत संवाद, कौशल्या-भरत संवाद और केवट-भरत संवाद का मंचन किया गया।
रामलीला मंचन के छठवें दिन का शुभारंभ मुख्य अतिथि दिनेश सती ने किया। रामलीला मंचन में राम के वनवास जाने से दुखी राजा दशरथ पुत्र वियोग में प्राण त्याग देते हैं। दशरथ की मृत्यु का मंचन देख दर्शक भावुक हो गए। अयोध्या में राजा दशरथ की मृत्यु का समाचार जब नंदीग्राम में भरत सुनते हैं तो वे तुरंत अयोध्या आ जाते हैं। वहां आकर उन्हें कैकई की ओर से राजा दशरथ से वचन मांगकर राम को वन भेजने और भरत के राज्याभिषेक की बात की जानकारी मिलती है। इस बात पर वह कैकई व दासी मंथरा को भला बुरा कहते हैं। भरत श्रीराम को अयोध्या वापस लाने के लिए गुरु वशिष्ठ से विचार विमर्श करते हैं। इस दौरान अजय असवाल, शोभित मैठाणी, जीतू मस्ताना, रोशन धूलिया, सुरेश राणा, आशीष कुमार, सौरभ ध्यानी और आशीष केष्टवाल आदि मौजूद रहे।