घास-झाड़ी और बंद नालियों से भी परेशानी, दीबाखाल–कोठिला के बीच सिंगल रूट बना चुनौती
बैजरो/बीरोंखाल। काशीपुर–रामनगर–बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है। करीब 264 किलोमीटर लंबे इस राजमार्ग का अधिकांश हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण रखरखाव में चुनौतियां बनी है। बजट की कमी और निर्माण संबंधी प्रतिबंधों के चलते कई स्थानों पर सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। हाईवे का करीब 50 किलोमीटर हिस्सा कॉर्बेट नेशनल पार्क क्षेत्र से गुजरता है जहां सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध है।
बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। सड़क के दोनों ओर उगी घास और झाड़ियों के कारण सड़क की प्रभावी चौड़ाई भी कम हो रही है। ग्रामीणों ने राजमार्ग की तत्काल मरम्मत, गड्ढों को भरने, झाड़ियों की सफाई और सड़क किनारे पड़े पत्थर व अन्य सामग्री हटाने की मांग की है।
एनएच पर जहां भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनका संज्ञान लेकर सुधारीकरण का कार्य कराया जा रहा है। सड़क के रखरखाव के लिए पूर्व में तैनात बेलदार व्यवस्था समाप्त होने से कुछ दिक्कतें आ रही हैं। क्षतिग्रस्त पुश्तों की भी जल्द मरम्मत कराई जाएगी।-अरुण कुमार पांडे, अधिशासी अभियंता, एनएच धुमाकोट