लैंसडौन में सरकार और परिवहन निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते टैक्सी यूनियन के लोग।
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प्रदूषण युक्त वाहनों पर जुर्माने की नई दर्रें लागू करने के सरकार के नए फैसले और 10 साल से ज्यादा पुराने कॉमर्शियल वाहनों का संचालन बंद करने के परिवहन निगम के संभागीय परिवहन प्राधिकरण को भेजे गए प्रस्ताव को लेकर वाहन चालकों में भारी रोष व्याप्त है।
बृहस्पतिवार को जीप यूनियन के अध्यक्ष एसएस रावत के नेतृत्व में परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग लैंसडौन के गांधीचौक पर एकत्र हुए। उन्होंने 10 साल से ज्यादा पुराने कॉमर्शियल वाहनों का संचालन बंद करने वाले संभागीय परिवहन प्राधिकरण को भेजे गए प्रस्ताव के विरोध में लैंसडौन में सरकार और परिवहन विभाग के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से इस जनविरोधी फरमान को वापस लेने की मांग की और ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। चालकों ने कहा कि सरकार का यह प्रस्ताव छोटे वाहनों का संचालन बंद करने की सुनियोजित साजिश है। ऐसे निर्णयों से बेरोजगारी बढ़ेगी और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। विरोध-प्रदर्शन करने वालों में जीप यूनियन कोटद्वार के अध्यक्ष एसएस रावत, जयहरीखाल- गुमखाल यूनियन के अध्यक्ष एसएस चौहान, जयकृत, मानेंद्र सिंह, जानू नेगी, संजय आदि शामिल थे।