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Kotdwar News: सिद्धबली मंदिर समिति की 21 दुकानों पर चली जेसीबी

Mon, 28 Aug 2023 07:12 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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लोनिवि ने ध्वस्त किया अतिक्रमण, दुकानदार बोले-बिना नोटिस दिए तोड़ी गई हैं दुकानें
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी है। सोमवार को लोक निर्माण विभाग ने कोटद्वार-सनेह कालागढ़ मार्ग पर स्थित श्री सिद्धबली मंदिर समिति की 21 दुकानों पर जेसीबी चलाकर अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया। दुकानों पर जेसीबी चलता देख दुकानदार अपना सामान समेटने लगे। दुकानदारों ने विभाग पर उन्हें बिना नोटिस दिए कार्रवाई करने का आरोप लगाया और आक्रोश जताया। मगर उनकी एक न चली।
सोमवार को सिद्धबली मंदिर के नीचे बनी प्रसाद की 21 दुकानों के दुकानदार सुबह दुकान खोलकर बैठे हुए थे। श्रद्धालु मंदिर में जाने के लिए प्रसाद खरीद रहे थे। तभी दस बजे लोनिवि की जेसीबी पहुंची। लोनिवि कर्मचारियों ने दुकानदारों को दुकान खाली करने की चेतावनी दी और दुकानों पर जेसीबी चलानी शुरू कर दी। यह देख दुकानदारों ने सामान समेटना शुरू कर दिया। जल्दबाजी में उनका अधिकतर सामान खराब भी हो गया। आक्रोशित दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन उनकी एक नहीं चली। दोपहर तक जेसीबी ने चिह्नित सभी 21 दुकानों को ध्वस्त कर दिया।
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आक्रोशित दुकानदारों ने लोनिवि विभाग पर उन्हें बिना नोटिस और बिना सामान हटाने का समय दिए कार्रवाई करने का आरोप लगाया। कहा कि वे कई वर्षों से सिद्धबली मंदिर समिति को दुकानों का किराया देते हैं। उन्हें यह दुकानें लोनिवि की भूमि पर बना हाेने की जानकारी नहीं थी और न ही मंदिर समिति ने कभी इसकी जानकारी दी। बिना नोटिस दिए दुकानों पर जेसीबी चलाकर उन्हें बेरोजगार कर दिया गया है। उन्होंने श्री सिद्धबली मंदिर समिति से उन्हें रोजगार देने की मांग की।

भूमि लोनिवि की है नहीं थी जानकारी : महंत
श्री सिद्धबली मंदिर के महंत दिलीप रावत ने कहा कि वर्षों से इस भूमि का उपयोग मंदिर समिति कर रही है। यह भूमि लोनिवि की होने की मंदिर समिति को भी जानकारी नहीं थी। जानकारी जुटाने पर पता चला कि वर्षों पहले डीएम ने यह भूमि लोनिवि को गोदाम बनाने के लिए दी थी। कहा कि सरकारी भूमि को लीज पर लेने का प्रावधान है। मंदिर समिति इस भूमि को लीज पर लेकर यहां पर व्यवस्थाएं बनाने का प्रयास करेगी।
कोट
सिद्धबली मंदिर समिति को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया था। फिर भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो सोमवार को अतिक्रमण हटा दिया गया है। - कंचन मुयाल, सहायक अभियंता लोनिवि दुगड्डा।

अतिक्रमण हटाने के खिलाफ कांग्रेसियों ने किया प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
कार्यकर्ताओं ने सरकार पर लोगों की रोजी रोटी छीनने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
धुमाकोट। क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्हाेंने सरकार पर अतिक्रमण के नाम पर लोगों से उनकी रोजी-रोटी छीनने का आरोप लगाते हुए पुतला फूंका और राज्यपाल के लिए ज्ञापन भेजा।
सोमवार को ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष मनीष सुंद्रियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता धुमाकोट बाजार में एकत्र हुए। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर पुतला फूंका। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर लोगों को बेरोजगार करने का आरोप लगाया। कहा कि लोग धुमाकोट, जड़ाऊखांद, हल्दूखाल सहित क्षेत्र के बाजारों में खोखे आदि बनाकर रोजगार कर रहे थे। लेकिन, सरकार ने बिना पुनर्वास की व्यवस्था के उनके रोजगार के माध्यम को ध्वस्त करके गरीब लोगों की रोजी-रोटी छीन रही है। उन्होंने राज्यपाल से अतिक्रमण की चपेट में आए बेरोजगारों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। इस अवसर पर पृथ्वीपाल पर्णशाला, राममूर्ति, सुरेंद्र सिंह, उपदेश बिष्ट, महेंद्र सिंह, रघुबीर सिंह, महिपाल सिंह, सुरेंद्र भदोला आदि मौजूद रहे।
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उधर, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने जारी बयान में धुमाकोट, जड़ाऊखांद सहित क्षेत्र के बाजारों में खोखे आदि ध्वस्त करने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश को ढाल बनाकर राज्य सरकार ने क्षेत्र के लोगों की रोजी-रोटी छीनकर अमानवीय कार्य किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से पीड़ितों के पुनर्वास के लिए शीघ्र योजना बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शीघ्र समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर कांग्रेस क्षेत्र की जनता के साथ प्रदेश भर में व्यापक आंदोलन करेगी।
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