देश के बड़े नाट्य महोत्सव में शामिल जश्न-ए-विरासत का आगाज गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित ऑडिटोरियम में 28 फरवरी को होगा। पांच दिनों तक चलने वाले इस नाट्य महोत्सव में देश की पांच प्रतिष्ठित नाट्य संस्थाएं प्रतिभाग कर रही हैं।
जश्न-ए-विरासत का आगाज प्रसिद्ध साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणू की कहानी ‘पंचलाइट’ के नाट्य रूपांतर से होगी। उत्तराखंड और दिल्ली की इस प्रस्तुति का निर्देश्न मुकेश ने किया है। 29 फरवरी को कल्चरल विंग हरियाणा की प्रस्तुति ’जाति ही पूछो साधु की’ का मंचन होगा। इस नाटक का निर्देश मुकेश भाटी ने किया है। एक मार्च को विमर्श मुंबई की ओर से मनीष मुनि के निर्देशन में ‘मेरा राजहंस’ की एकल प्रस्तुति होगी।
दो मार्च को अस्मिता थियेटर ग्रुप दिल्ली अरविंद गौड के निर्देशन में ‘अंबेडकर और गांधी’ का मंचन करेगा। तबकि तीन मार्च को भी अस्मिता थियेटर ग्रुप दिल्ली ‘अमृतसर आ गया’ नाटक का मंचन करेगा। महोत्सव के दौरान बॉलीवुड की चर्चित फिल्में जिस्म-2, मर्डर, रांझणा में काम कर चुके कलाकार भी यहां पहुंचेंगे। अस्मिता ग्रुप महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्याचार, एसिड हमले सहित वर्तमान में महिलाओं की पीड़ा आदि विषयों पर चौरास व बिड़ला परिसर में नुक्कड़ नाटक भी मंचित करेंगे। आयोजक मंडल ने छात्रों व स्थानीय लोगों से महोत्सव में प्रतिभाग करने की अपील की है।