कोटद्वार। कोरोना वायरस को रोकने के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर रविवार को जनता कर्फ्यू का कोटद्वार समेत आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में व्यापक असर रहा। सुबह से ही लोग अपने घरों में कैद रहे। जनता कर्फ्यू के चलते मेडिकल स्टोर समेत आवश्यक सेवाएं भी बंद रही। जीप, टैक्सी, बस और रेल सेवाएं तक पूरी तरह ठप रही। उत्तराखंड परिवहन निगम और जीएमओयू समेत सभी परिवहन कंपनियों ने अपने वाहनों के चक्के जाम रखे।
गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में लोग सुबह से ही अपने घरों में कैद रहे। दुकानदारों के साथ ही मेडिकल स्टोर, होटल, पान बीड़ी की दुकानें भी बंद रही। बाजार बंद के कारण लोगों को आवश्यक चीजें दूध और दवाइयां तक नसीब नहीं हुई। उत्तराखंड परिवहन निगम, जीएमओयू, गढ़वाल जीप टैक्सी समिति, सिद्धबली ऑटो एसोसिएशन, उत्तराखंड ई रिक्शा समिति ने वाहनों का संचालन बंद रखा। जिससे रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और टैक्सी स्टैंड में भी सन्नाटा पसरा रहा। जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए पुलिस प्रशासन की टीमें मुस्तैद रही। पुलिस ने बाजार में इक्का-दुक्का संचालित वाहनों से पहुंचे लोगों को भी घर में ही रहने की हिदायत दी। सीओ अनिल जोशी और कोतवाल मनोज रतूड़ी खुद व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए थे। कौड़िया चैक पोस्ट पर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मुस्तैद रही। इस दौरान चिकित्सकों ने बाहर से आने वाले लोगों का डिजिटल थर्मामीटर से स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान सभी लोगों का स्वास्थ्य सामान्य पाया गया। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि नगर में जनता कर्फ्यू 99 फीसदी सफल रहा। केवल वे ही लोग घरों से बाहर निकले, जिन्हें बहुत जरूरी काम पड़ा या जहां लोगों को सार्वजनिक स्टैंड पोस्टों पर पानी भरते हैं।
पर्यटन नगरी लैंसडौन में भी पसरा रहा सन्नाटा
लैंसडौन। पर्यटन नगरी लैंसडौन में जनता कर्फ्यू का व्यापक असर रहा। सुबह से ही लोग अपने घरों में ही रहे। बाजार पूरी तरह से बंद रहे। जनता कर्फ्यू का लोगों ने पूरी तरह से समर्थन किया। सेना क्षेत्र का बाजार भी बंद रहा। वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रही। सेना के अलकनंदा शॉपिंग केंद्र में शनिवार व रविवार लगातार दोनों दिन एहतियात के तौर पर दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखी। सिविल और सेना क्षेत्र में जनता कर्फ्यू का जबरदस्त असर दिखाई दिया।
सतपुली समेत नयार घाटी में भी रहा जबरदस्त असर
सतपुली। जनता कर्फ्यू का नयारघाटी क्षेत्र में भी जबरदस्त रहा। सतपुली, पाटीसैंण, एकेश्वर, नौगांवखाल, चौबट्टाखाल, दुधारखाल, बांघाट, गुमखाल पूरी तरह बंद रहे। सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग सड़कों पर तो दूर घरों की छतों पर भी नहीं दिखाई दिए।
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बीरोंखाल और धुमाकोट में भी बंद रहे बाजार
बैजरो/धुमाकोट। बीरोंखाल और धुमाकोट के सभी बाजारों में व्यापरियों व स्थानीय लोगों ने कोरोना के खिलाफ जनता कर्फ्यू का समर्थन किया। इस दौरान जहां बाजार बंद रहे, वहीं वाहनों का संचालन भी पूरी तरह ठप रहा। बीरोंखाल के अंतर्गत व्यापारियों ने रसिया महादेव, मैठाणाघाट, बीरोंखाल, बैजरो, बेदीखाल में और धुमाकोट क्षेत्र के जड़ाऊंखांद, अदालीखाल, नैनीडांडा क्षेत्र में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान और दुकानें बंद रखी। लोगों ने घरों में रहकर प्रधानमंत्री के कोरोना के खिलाफ जनता कर्फ्यू का समर्थन किया।
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यमकेश्वर क्षेत्र भी बाजार रहे बंद
यमकेश्वर। यमकेश्वर ब्लाक में सभी बाजार बंद रहे। व्यापारियों ने पौखाल, भृगुखाल, कांडी और यमकेश्वर में अपने प्रतिष्ठानों और दुकानों को बंद रखा। लोगों ने भी प्रधानमंत्री के जनता कर्फ्यू के आह्वान का समर्थन किया। इस दौरान क्षेत्र में वाहनों का संचालन भी पूरी तरह ठप रहा।
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दुगड्डा में दिखाई दिया व्यापक असर
दुगड्डा। दुगड्डा में भी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए रविवार को जनता कर्फ्यू का व्यापक असर रहा। नगर पालिका क्षेत्र के सभी चार वार्डों में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। यातायात पूरी तरह बंद रहा। पुलिस प्रशासन शांति व्यवस्था रखने के लिए तैनात रही।