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जयहरीखाल पंपिंग पेयजल योजना ठप, पानी के लिए भटक रहे लोग

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जलसंस्थान की लापरवाही के कारण जयहरीखाल पंपिंग पेयजल योजना दो दिन से ठप है। इससे ब्लॉक मुख्यालय जयहरीखाल समेत आसपास के गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। स्थिति यह है कि लोग दो किमी दूर स्थित प्राकृतिक स्रोत से सिर पर पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है।
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कटेरोला झारा पानी पर बनी जयहरीखाल पंपिंग पेयजल योजना से जयहरीखाल कस्बे समेत जैहरी सकमुंडा, लिंगवाना एंव पौखाल आदि गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। दो दिन से फिर पेयजल आपूर्ति ठप होने पर लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। रविवार को पंचायत भवन में स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक में आए दिन हो रही पेयजल समस्या पर रोष जताया गया। राजीव धस्माना, अधिवक्ता वीरेंद्र रावत, प्रकाश रावत, सनोज रावत, विनय कुकशाल, अर्जुन असवाल, संजीव डोवरियाल, गिरीश कोटनाला, अजय रावत, विपिन रौतेला ने आरोप लगाया कि जल संस्थान के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी गई लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। स्रोत में पर्याप्त पानी होने के बाद भी विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते उन्हें पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। जगह-जगह पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। साथ ही पेयजल टैंक की मरम्मत भी अब तक नहीं कराई गई है। विभाग के पास तीन पंप उपलब्ध होने के बाद भी पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं की जा रही है। बैठक के बाद मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित कर पेयजल समस्या का समाधान करने की मांग की गई।
उधर, ब्लॉक प्रमुख दीपक भंडारी का कहना है कि पिछले माह ही जल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों की बैठक में पेयजल समस्या को लेकर बैठक की गई थी। उन्होंने अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर जेई को मुख्यालय में बने रहने का आदेश जारी करने को भी कहा है।
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कोट :
स्रोत से आ रही मेन पाइप लाइन से किसी ने छेड़छाड़ कर दी थी। जल्द लाइन को ठीक कर पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। जेई को ब्लॉक मुख्यालय में बने रहने के लिए निर्देशित किया गया है।
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-संदीप चतुर्वेदी, सहायक अभियंता जल संस्थान।
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