वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद आबादी क्षेत्र में हाथियों की धमक रुकने का नाम नहीं ले रही है। सनेह क्षेत्र में इन दिनों दिन दहाड़े हाथी जंगल से निकलकर आबादी में धमक रहा है, जिसके कारण जंगल से सटे क्षेत्र के लोग खौफ के साए में जीने के लिए मजबूर हैं। हाथी के उत्पात के करण उनका दिन का चैन और रात की नींद उड़ी हुई है। वन विभाग ने भी जंगल से सटे क्षेत्र में हाथी के खतरे को देेखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है।
वर्ष 2014-15 में सनेह क्षेत्र के रामपुर में 1149 मीटर सुरक्षा दीवार बनाई गई थी, लेकिन सुरक्षा दीवार की ऊंचाई कम होने के कारण हाथी उनको टापकर आसानी से आबादी में धमक रहे हैं। वर्ष 2017-18 में कुंभीचौड़ से रामपुर तक करीब 500 मीटर सौलर ऊर्जा बाड़ बनाई गई, लेकिन वह भी देखभाल के अभाव में खराब पड़ी हुई है। समाज सेवी दीपक पांडे, स्थानीय नागरिक मोहन सिंह रावत, महानंद ध्यानी ने कहा कि कई वर्षों से क्षेत्र में हाथी का उत्पात मचा है। हाथी सुरक्षा दीवार की ऊंचाई बढ़ाए जाने को लेकर कई बार विभाग के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक उस पर कार्रवाई नहीं हुई है। हाथी सुरक्षा दीवार को टापकर आसानी से जंगल से निकलकर आबादी में आ रहा है, जिससे हाथी-मानव संघर्ष का खतरा बना है।
सनेह क्षेत्र में इन दिनों एक हाथी की लगातार धमक बनी हुई है। लोगों को जंगल के किनारे नहीं जाने और हाथी से सावधान रहने के लिए अलर्ट किया गया है। हाथी से लोगों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है। - दीपक कुमार सिंह, डीएफओ, लैंसडौन वन प्रभाग।