कोटद्वार। चीन के बाद भारत में एचएमपीवी वायरस की दस्तक के साथ ही चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय से गाइड लाइन जारी कर दी गई। बेस अस्पताल के चिकित्सकों को मरीजों के उपचार के साथ ही नए वायरस से बचाव को लेकर जागरूक करने के लिए कहा गया है।
राजकीय बेस अस्पताल में इन दिनों नजला, जुकाम, खांसी, बुखार और कोल्ड डायरिया के साथ ही निमोनिया से पीड़ित बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ बच्चों के बेहतर उपचार के साथ ही माता-पिता को उपचार के साथ ही उनकी उचित देखभाल और कुछ सावधानी बरतने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
चिकित्सक की सलाह के बिना दवा नहीं लेने, इस्तेमाल किए गए रुमाल आदि का दोबारा प्रयोग नहीं करने, हाथ मिलाने से बचने के लिए कहा जा रहा है। साथ ही नजला-जुकाम होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने, छींकते या खांसते समय नाक व मुंह को रुमाल से ढकने, भीड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, पानी अथवा पौष्टिक तरल पदार्थों का सेवन करने के लिए कहा जा रहा है।
वहीं, अस्पताल में स्थायी रूप से आइसोलेशन वार्ड स्थापित है। पिछले कुछ महीनों में आइसोलेशन वार्ड में डेंगू से पीड़ित मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने एचएमपीवी वायरस के संबंध में गाइड लाइन जारी होने के बाद इस आइसोलेशन वार्ड समेत अन्य चिकित्सीय व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा हुआ है। फिलहाल राहत की बात है कि कोटद्वार क्षेत्र अभी तक सुरक्षित है।