फुटबाल खिलाड़ी हेमा पंत ने शासन से खेल विभाग और युवा कल्याण विभाग का एकीकरण नहीं करने की मांग की है। मांग को लेकर उन्होंने सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग उत्तराखंड शासन को ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि खेल विभाग की ओर से खिलाड़ियों को खेल विशेष में तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए भारतीय खेल संस्थान पटियाला, कोलकत्ता, बैंगलूरु से कोचिंग डिप्लोमा प्राप्त खेल विशेषज्ञों को ही खेल प्रशिक्षक के रूप में नियुक्ति प्रदान की है। जबकि युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की स्थापना स्वयं सेवकों और युवा एवं महिला मंगल दल के कार्यों की पूर्ति के लिए की गई है। युवा कल्याण विभाग ग्रामीण स्तर पर सामाजिक योजनाओं के साथ ही ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है। उक्त विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का खेल एवं खिलाड़ी से कोई संबंध नहीं है। राज्य में खेल विभाग एवं युवा कल्याण विभाग के एकीकरण से राज्य में उभरते खिलाड़ियों के सामने कुशल प्रशिक्षकों की कमी होगी।