गर्मी बढ़ते ही कोटद्वार भाबर क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती भी शुरू हो गई है। कटौती की सर्वाधिक मार क्षेत्र के उद्योगों पर पड़ रही है। उद्योगों में चार से छह घंटे कटौती हो रही है। वहीं, आम लोग भी बिजली कटौती से परेशान हैं।
कोटद्वार क्षेत्र में जिला उद्योग केंद्र के सिताबपुर औद्योगिक क्षेत्र के अलावा सिडकुल के तीन औद्योगिक केंद्र बलभद्रपुर, जशोधरपुर व सिगड्डी ग्रोथ सेंटर हैं। यहां करीब डेढ़ सौ छोटे बड़े उद्योग हैं। बीते तीन दिन से यहां हर रोज चार से छह घंटे की बिजली कटौती होने लगी है। उद्यमी अनिल कंसल, सुभाष कुमार, सार्थक त्रिपाठी का कहना है कि मंगलवार को 8 घंटे की कटौती उद्योगों में की गई। इसके कारण उद्यमियों को जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। ज्यादा देर तक बिजली गुल होने पर उत्पादन को बंद करना पड़ता है। ऐसे में श्रमिकों को बिना काम के भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार को उद्योगों के लिए बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करना चाहिए। भाबर क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता राधेश्याम, दीपक कुमार, सोहनलाल का कहना है कि रात को हर रोज तीन घंटे बिजली कटौती की जा रही है। इसके अलावा सुबह व दिन के समय बिजली न होने से पेयजल व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रात के समय कम से कम बिजली कटौती की जा रही है। इस बीच उद्योगों के लिए जरूर चार से छह घंटे की कटौती हुई है। आपूर्ति को नियमित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। -कमल सिंह, एसडीओ ऊर्जा निगम कोटद्वार।