मकर संक्रांति के दिन अर्द्धकुंभ का पहला शाही स्नान है और देवप्रयाग में कोई तैयारी नहीं हो पायी है। यहां विकास कार्य की नींव तक नहीं रखी गई है। नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि बजट आवंटित न होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
देवप्रयाग को पहली बार कुंभ में शामिल किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता सुशांत बडोला, मनोरंजन जोशी व विद्यार्थी पालीवाल ने बताया कि कुंभ क्षेत्र देवप्रयाग में पथ प्रकाश, बारात घर का रंग-रोगन, सीसी मार्ग सहित पुलों का निर्माण किया जाना था। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी से अर्द्धकुंभ शुरू होने वाला है लेकिन देवप्रयाग में अभी तक विकास कार्य शुरू तक नहीं किए गए हैं।
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी विनोद लाल ने कहा कि इसकी तैयारियों के लिए 1.3 करोड़ के बजट का प्रस्ताव भेजा गया था जिसमें से 56 लाख से सीसी मार्ग, बारात घर का रंग-रोगन व पथ प्रकाश की व्यवस्था की जानी थी। जबकि 44 लाख से सफाई के लिए उपकरण मंगाए जाने थे। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव को शासन से स्वीकृति भी मिल चुकी है लेकिन बजट आवंटित नहीं किए जाने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
पुलों की है जर्जर स्थिति
देवप्रयाग में बाह बाजार अलकनंदा झूला पुल व भागीरथी झूला पुल जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं। जो किसी भी बड़ी दुर्घटना को न्यौता दे सकते हैं। काबीना मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी भागीरथी झूला पुल निर्माण के लिए 24 लाख और अलकनंदा झूला पुल के लिए 23 लाख रुपये दे चुके हैं। लेकिन आज तक पुल के निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं की गई है।
संगम पर नही है पुख्ता इंतजाम
पहले शाही स्नान के लिए संगम स्थल व आसपास के घाटों पर कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। जबकि स्नान के लिए घाटों पर चैन लगाए जाने सहित विभिन्न सुरक्षा इंतजाम किए जाने हैं।