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Kotdwar News: सुनने में दिक्कत तो ऋषिकेश और देहरादून की लगानी होगी दौड़

Sat, 14 Mar 2026 06:01 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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बेस अस्पताल में नहीं है दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए अनिवार्य की गई बेरा टेस्ट की सुविधा
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कोटद्वार। श्रवण शक्ति समाप्त होने पर पीड़ित को दिव्यांगता प्रमाणपत्र के लिए भटकना पड़ रहा है। बेस अस्पताल पर आधे-अधूरे संसाधनों और विशेषज्ञ की कमी का खामियाजा दिव्यांग और उसके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।
राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार में कान-नाक-गला की जांच कराने एवं उपचार लेने के लिए 60-70 मरीज रोजाना ही पहुंचते हैं। ईएनटी सर्जन डॉ. अमन मरीजों को उपचार और चिकित्सीय परामर्श दे रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर मरीज का ऑपरेशन भी हो रहा है लेकिन ऐसे मरीज जो तमाम कोशिशों के बाद भी अपनी श्रवण शक्ति खो चुके हैं। उनके लिए न तो ईएनटी सर्जन कुछ कर पा रहे हैं और न ही बेस अस्पताल प्रशासन।
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दरअसल श्रवण शक्ति विहीन लोग सरकार की योजना का लाभ लेने या अन्य कारणों से जब बेस अस्पताल में दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं तो उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है। दिव्यांगता प्रमाणपत्र बहुत जरूरी होने पर उन्हें इससे संबंधित जांच कराने के लिए एम्स ऋषिकेश या देहरादून के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं, बेस अस्पताल में माह के प्रत्येक पहले और तीसरे बुधवार को दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं।
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ऑडियोलॉजिस्ट की तैनाती और अस्पताल में बीईआरए मशीन स्थापित करने के लिए पूर्व में निदेशालय से पत्राचार किया जा चुका है। इनकी उपलब्धता से अस्पताल में ही जरूरी टेस्ट होने लगेंगे और दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी किए जा सकेंगे।
-डॉ. विजय सिंह, पीएमएस कोटद्वार।
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