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सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया दुगड्डा ब्लॉक का गुनी बस्यूर गांव

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दुगड्डा ब्लॉक के अंतर्गत अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव गुनी बस्यूर आज भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। स्थिति यह है कि सड़क न होने से ग्रामीणों को घने जंगलों के बीच मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए तीन से पांच किमी. पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। यही नहीं गांव में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। वर्ष 2006 में यहां 12 परिवार रहते थे अब यहां सिर्फ तीन परिवार रह गए हैं।
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सुमेरचंद, कैलाश, घनश्याम, सतेश्वरी देवी, अनीता देवी आदि का कहना है कि वर्ष 2005-06 में वन विभाग और लोनिवि ने संयुक्त सर्वेक्षण कर भातखाल से गुनी बस्यूर तक 5 किमी सड़क निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था लेकिन सड़क निर्माण को मंजूरी नहीं मिल पाई है। कहा कि गांव की हर स्तर पर उपेक्षा के कारण आज भी सड़क की सुविधा नहीं मिल सकी है। गांव के पैदल रास्ते भी बदहाल हैं। ग्रामीण लंबे अरसे से गांव को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। यही नहीं गांव में सोलर लाइटें भी नहीं लगी हैं। कार्बेट टाइगर रिजर्व वन प्रभाग से सटे इस गांव के चारों ओर घनी झाड़ियां होने से बाघ और गुलदार का खतरा बना रहता है। गांव में पानी के अभाव में ग्रामीणों ने पैतृक व्यवसाय पशुपालन भी छोड़ दिया है। ग्रामीण समाज कल्याण विभाग की पेंशन और मेहनत मजदूरी कर भरण-पोषण कर रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण पलायन के चलते गांव में महज तीन परिवार रह गए हैं। पूर्व में गांव में 12 परिवार निवास करते थे।
सड़क निर्माण के लिए नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद मार्ग निर्माण की कार्रवाई की जाएगी। - कंचन मुयाल, सहायक अभियंता लोनिवि दुगड्डा।
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