कोटद्वार। रोजाना शाम 3:35 बजे कोटद्वार से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में आरक्षण न मिल पाए या फिर यह ट्रेन किसी कारणवश छूट जाए, तो कोटद्वार से दिल्ली जाने के लिए रोडवेज बस भी नहीं मिलेगी। दिल्ली जाने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों से कोटद्वार पहुंचने वालों को यहां उत्तर प्रदेश परिवहन की बसों की लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
कोटद्वार से तड़के चार बजे दिल्ली के लिए पहली बस संचालित होती है। इसके बाद एक-एक कर 15 से 20 बसें हर दिन दिल्ली भेजी जाती हैं। दोपहर तक सभी बसें रूट पर भेज देने के बाद डिपो में सन्नाटा पसर जाता है। दोपहर बाद नजीबाबाद, बिजनौर, मेरठ, गाजियाबाद, मोहननगर, दिल्ली के लिए डिपो में कोई बस उपलब्ध नहीं होती। इसका खामियाजा दिल्ली जाने के लिए पहाड़ से कोटद्वार पहुंचने वालों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें यहां यूपी परिवहन की बसों की लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
वहीं, एनसीआर के अंतर्गत नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद क्षेत्र के लिए संचालित एक-एक बस भी सुबह ही गंतव्य के लिए रवाना हो जाने के बाद फिर पूरे दिन एनसीआर के लिए भी कोई बस उपलब्ध नहीं है। कारोबारी जगमोहन भाटिया, नसीर आलम, विवेक अग्रवाल बताते हैं कि कोटद्वार से दिल्ली के लिए दो ट्रेनें चलती हैं, पहले तो इन दोनों ही ट्रेनों का समय कोटद्वार वासियों के अनुकूल नहीं है और अगर यह ट्रेन छूट जाए या आरक्षण नहीं मिल पाए, तो कोटद्वार में शाम के समय दिल्ली-एनसीआर के लिए कोई रोडवेज बस नहीं है।
कमोवेश ऐसे ही हालात पर्वतीय क्षेत्रों के हैं। तड़के से ही पहाड़ के लिए बसें रवाना होने पर दोपहर बाद पहाड़ के विभिन्न स्टेशनों के लिए रोडवेज बसें नहीं मिलतीं।
आनंद विहार से कोटद्वार पहुंचने वाली और कोटद्वार से दिल्ली के लिए संचालित ट्रेनों का सड़क परिवहन पर व्यापक असर पड़ा है। अपराह्न कोटद्वार से दिल्ली के लिए ट्रेन रवाना होने के बाद मैदानी क्षेत्रों के लिए यात्री नहीं मिलते हैं। वहीं, दोपहर बाद पर्वतीय क्षेत्रों के यात्रियों का भी अभाव हो जाता है। -अनुराग पुरोहित, एआरएम कोटद्वार।