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पति को सात साल सश्रम कैद, अन्य दोषमुक्त

Fri, 29 Apr 2016 10:36 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाल, कोटद्वार
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने 26 जून, 2014 को हुए सोनी दहेज हत्याकांड मामले में आरोपी पति सोनू उर्फ अमित रावत को दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी करार देते हुए सात साल के सश्रम कैद की सजा से दंडित किया है। इसी मामले में आरोपी बनाए गए सास, ननद और देवर को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया है।
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शासकीय अधिवक्ता नसीम बेग के अनुसार मृतका सोनी देवी के पिता बीरेंद्र सिंह की ओर से कोटद्वार कोतवाली में उसके पति सोनू उर्फ अमित रावत, देवर आशीष उर्फ मोंटी, सास सरोज देवी और ननद अरुणा रावत के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। कहा कि दहेज उत्पीड़न के चलते ही उनकी बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में 26 जून 2014 को मौत हो गई। पुलिस ने मामले में जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। एसीजेएम कोर्ट ने अभियुक्तगण के विरुद्ध मामला सत्र परीक्षणीय पाते हुए यह मामला नौ दिसंबर 2014 को सत्र न्यायालय के सुपुर्द कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में नौ गवाह पेश किए।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें, तर्क और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर मृतका सोनी के पति सोनू उर्फ अमित रावत को दहेज उत्पीड़न के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए तीन वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने और पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में सात साल के सश्रम कारावास और पांच हजार जुर्माने से दंडित किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद वर्मा ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में आरोपी बनाए गए सास, देवर और ननद को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है।
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