लैंसडौन और कालागढ़ वन प्रभागों में लगी आग थमने का नाम नहीं ले रही है। शासन के निर्देश पर कई स्थानों पर पुलिस, पीआरडी जवान और फायर बिग्रेड ने कमान संभाल ली है।
लैंसडौन में जहां आग की दो दर्जन घटनाओं में 36.500 हेक्टयर वन भूमि आग की चपेट में आकर राख हो चुकी है, वहीं कालागढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दर्जन घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां डेढ़ सौ हेक्टेयर वन भूमि में वन संपदा को नुकसान हुआ है। इसके अलावा गढ़वाल वन प्रभाग में दीवा रेंज के जंगल भी धधक रहे हैं। चौतरफा जंगल धधकने से जहां कोटद्वार में तापमान 41 डिग्री को छूने के कगार पर है, वातावरण में आर्दता बीस फीसदी से कम हो गई है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ डिवीजन के वनों में वन संपदा धूं-धूं कर जल रही है। डीएफओ डा. कोकोरोसे ने बताया कि अग्निकांड की विभीषिका के चलते वन विभाग के साथ ही पुलिस और पीआरडी के जवानों की मदद ली गई है। उन्होंने काफी हद तक आग पर काबू पाने का दावा किया है। तेज हवाओं के कारण आग विकराल रुप धारण कर रही है। जिससे वन्यजीव विचलित होकर भटकने लगे हैं। अदनाला और मंदाल रेंज के जंगलों में आग लगी है। आग की विकराल स्थिति को देखते हुए डीएम पौड़ी ने 10 पीआरडी जवान आग बुझाने के लिए भेजे हैं। आबादी क्षेत्रों को संवेदनशील मानते हुए सावधानी बरती जा रही है। वनों में आग लगाने वालों की पहचान कराई जा रही है।
लैंसडौन पुलिस के जवानों ने शुक्रवार को जयहरीखाल, बैरगांव और भदालीखाल के जंगलों में आग बुझाई। लैंसडौन के थानाध्यक्ष चंद्रमोहन सिंह नेगी ने बताया कि पुलिस जनसहयोग लेकर आग बुझाने में लगी है। भदालीखाल में चीड़ के जंगल धधक रहे हैं। वहीं जयहरीखाल में बांझ और काफल के पेड़ झुलसे हैं। बीरोंखाल और नैनीडांडा क्षेत्र के जंगलों में भी आग धधक रही है।