कोटद्वार। बीता साल 2024 जहां मिला जुला रहा, वहीं कोटद्वार, लैंसडौन और चौबट्टाखाल क्षेत्र के लोगों को वर्ष 2025 से बहुत उम्मीदें है। नए साल में उन्हें वर्षों से लंबित योजनाओं के धरातल पर उतरने की उम्मीद बनी हुई है। कोटद्वार के लिए स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय के इस साल संचालन के आसार बढ़ गए हैं। इसके अलावा चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाली पूर्वी नयार नदी में सतपुली में व लैंसडौन में सकमुंडा झील के आकार लेने की उम्मीद बनी है।
नए साल में कई घोषणाओं के धरातल पर उतरने की उम्मीद बनी है। नगर निगम के लिए सिरदर्द बना कूड़ा निस्तारण का मामला भी नए ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि चयनित होने से हल होने की संभावना है।
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इस साल से शुरू होगा केंद्रीय विद्यालय का संचालन
कोटद्वार भाबर में प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय के संचालन को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल गई है। नए शिक्षा सत्र से केंद्रीय विद्यालय के संचालन की उम्मीद है। इसका सबसे बड़ा लाभ सेवारत व पूर्व सैनिकों के पाल्यों को मिलेगा। केंद्रीय विद्यालय के लिए जीआईसी कण्वघाटी में वैकल्पिक व्यवस्थाएं बना ली गई हैं।
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कण्वाश्रम में लगेगी राजा भरत की मूर्ति
ग्रामीण निर्माण विभाग की आरे से कण्वाश्रम में 34 लाख की लागत से राजा भरत की संगमरमर की मूर्ति स्थापित करने का कार्य पिछले एक साल किया जा रहा है। जो अंतिम चरण में है। बसंत पंचमी महोत्सव के दौरान इसका लोकार्पण होना है।
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23 वार्डों में पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
शहरी विकास विभाग के अधीन उत्तराखंड अरबन विकास एजेंसी (यूयूएसडीए) की ओर से करीब 350 करोड़ की लागत से चार नलकूप, चार ओवर हेड टैंक व 300 किमी. पेयजल लाइनों को बिछाने का काम किया जा रहा है। योजना के निर्माण में करीब ढाई साल का वक्त लगेगा।
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कोटद्वार में 135 करोड़ की लागत से बनेगा एसटीपी प्लांट
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत कोटद्वार में खोह नदी में गिरने वाले नौ नालों की टेपिंग और 21 एमएलडी (मिलियन लीटर डेली) क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण के लिए 135 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। कार्यदायी संस्था निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा), उत्तराखंड पेयजल निगम ऋषिकेश की ओर से टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। जल्द ही परियोजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद है।
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नए स्वरूप में नजर आएगा रेलवे स्टेशन
अमृत भारत योजना के पहले चरण में प्लेटफार्म, भवन और फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य जारी है। नए साल में रेलवे स्टेशन को अपना नया भवन मिलने की उम्मीद है।
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स्पोर्ट्स स्टेडियम को मिलेगी छात्रावास की सौगात
गाड़ीघाट स्थित शशिधर भट्ट राजकीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में दो करोड़ की लागत से छात्रावास बनकर तैयार हो गया है। छात्रावास में 13 कमरे, एक वार्डन रूम, मेस, किचन का निर्माण के साथ ही अटैच बाथरूम की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा दो सीमेंटेड अभ्यास पिचों का निर्माण हो चुका है और स्टेडियम की सुरक्षा के लिए सी टाइप फेसिंग लगाई जा रही है।
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कोटद्वार डिपो को मिलेगा अपना नया भवन
10 करोड़ की लागत से उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो के कार्यालय भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
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आयुर्वेदिक अस्पताल की मिलेगी सौगात
कोटद्वार भाबर के लछमपुर में 8 एकड़ भूमि पर 50 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल के पांच मंजिला भवन के लिए शासन ने 17 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इसके तहत बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था की जानी है। भवन का निर्माण प्रगति पर है। कार्य पूरा होने में करीब 10 माह का समय लगेगा।
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जीआईसी कण्वघाटी में बनेगा बहुउद्देशीय हॉल
खेल विभाग की ओर से जीआईसी कण्वघाटी में बहुउद्देशीय हॉल के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। बहुउद्देशीय हॉल बनने से विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ ही क्षेत्र के खेल प्रेमियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
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एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की मिल सकती है सौगात
नगर निगम प्रशासन की ओर से एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के निर्माण के लिए हल्दूखाता पट्टी के उत्तरी झंडीचौड़ में 12,000 वर्ग फीट भूमि का चयन कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। नए साल में एबीसी सेंटर के निर्माण को स्वीकृति मिलने के आसार हैं।
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बहुउद्देश्यीय झील परियोजनाओं के आकार लेने के आसार
नए साल में पूर्वी नयार नदी में सतपुली बहुउद्देश्यीय झील निर्माण के आकार लेने की उम्मीद बनी है। सतपुली में झील निर्माण के लिए शासन की ओर से 56.34 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। विगत 19 दिसंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी झील निर्माण का शिलान्यास कर चुके हैं। जिसमें झील को बहुउद्देशीय बनाने के लिए सिंचाई, मत्स्य पालन, जल विद्युत परियोजना और पेयजल योजना से जोड़ा जाना है। पर्यटन नगरी लैंसडौन के पास जयहरीखाल में सकमुंडा झील के निर्माण के लिए भी सरकार ने 8.32 करोड की धनराशि स्वीकृत की है। क्षेत्रवासियों को नए साल में इन योजनाओं के धरातल पर उतरने की उम्मीद है।
सतपुली में पूर्वी नयार नदी में झील का निर्माण का कार्य प्रगति पर है। झील का निर्माण कार्य सितंबर, 2027 तक पूरा होना है।
-संदीप कुमार मौर्य, एई सिंचाई विभाग श्रीनगर।