सनेह क्षेत्र में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार रात को हाथियों के एक झुंड ने वार्ड नंबर तीन के कोटड़ीढांग इलाके में हाथी सुरक्षा दीवार तोड़ डाली। ग्रामीणों ने मशाल जलाकर और कनस्तर बजाकर हाथियों के झुंड को जंगल में खदेड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को कई मर्तबा अवगत कराने के बाद भी वन विभाग हाथियों को आबादी में घुसने से नहीं रोक पा रहा है।
कोटड़ीढांग निवासी पुष्कर सिंह, प्रताप सिंह, जीवन सिंह, वंदना, पूनम आदि ने बताया कि मंगलवार रात नौ बजे हाथियों का एक झुंड ज्ञानोदय विद्यालय और निर्माणाधीन इको पार्क के समीप बनी हाथी सुरक्षा दीवार को तीन चार स्थानों में तोड़कर गांव में घुसा। हाथी सुरक्षा दीवार टूटने की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकले और मशाल जलाकर और कनस्तर बजाकर हाथियों के झुंड को जंगल की ओर खदेड़ा। काश्तकारों का आरोप है कि हाथियों के गांव में घुसने पर उन्होंने रेंजर के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल आउट ऑफ कवरेज एरिया आ रहा था। काश्तकारों ने कहा कि आए दिन हाथी गांव में घुसकर काश्तकारों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन विभाग से कई बार लिखित रूप में हाथियों को आबादी क्षेत्र में घुसने से रोकने की मांग की गई, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। काश्तकारों ने हाथियों को आबादी क्षेत्र में घुसने से रोकने के लिए योजना तैयार करने, क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने और उन्हें फसलों के नुकसान का मुआवजा देने की मांग उठाई है। उधर कोटद्वार रेंज अधिकारी बीबी शर्मा ने कहा कि लॉकडाउन के चलते पुलिस वन कर्मियों को भी आवाजाही नहीं करने दे रही है। ऐसे में क्षेत्र का मौका मुआयना करना संभव नहीं है। स्थिति सामान्य होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।