सरकार की ओर से परिवार रजिस्टर, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र व वारिसन प्रमाण पत्रों के लिए शुरू की गई ई-डिस्ट्रक्ट परियोजना जनता पर भारी पड़ रही है। एक ओर सरकार ने जहां आनन-फानन में योजना शुरू कर दी। वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत अधिकारियों की कमी को पूरा नहीं कर पाई। आलम यह है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्डों में पुरुष के कार्ड पर महिला की फोटो लगाई गई है। कई कार्डों में फोटो किसी और की लगा दी गई है। यही नहीं, सात-आठ ग्राम पंचायतों के लिए सिर्फ एक ग्राम विकास अधिकारी मौजूद हैं जिसके कारण ई-डिस्ट्रिक्ट से निकलने वाले प्रमाण पत्रों की खामियों को दूर कराने के लिए ग्रामीणों को ग्राम पंचायत अधिकारी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पदमपुर सुरखरौ के प्रधान चंद्र प्रकाश नैथानी का कहना है कि ग्रामीणों की मजबूरी यह है कि पंचायत अधिकारी के हस्ताक्षर कराए बिना कोई प्रमाण पत्र ई-डिस्ट्रक्ट स्वीकार नहीं करता। जिन प्रमाणपत्रों को वह स्वीकार कर रहा है उनमें गलती का आलम यह है कि किसी प्रमाण पत्र में जाति का जिक्र नहीं है व किसी में व्यवसाय का जिक्र नहीं है।
महज पचास फीसदी परिवारों का नाम ही फीड
इतना ही नहीं खंड विकास अधिकारी कार्यालय में विगत वर्ष के परिवार रजिस्टर फीड कराने के बावजूद अब तक ई-डिस्ट्रिक्ट विभाग ने पचास प्रतिशत परिवारों के नामों को ही फीड किया है। इससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना पड़ रहा है। बताया कि राशन कार्डों के मामले में भी यही लापरवाही सामने आ रही है। विगत वर्ष खाद्य सुरक्षा योजना के लिए ग्रामीणों ने आय प्रमाण पत्र बनाकर जमा करवाए। बावजूद इसके सबके कार्ड नहीं बने और जो कार्ड बने भी उनके नाम लिस्ट में मौजूद नहीं हैं। उन्होंने ग्रामीणों को राहत देने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट योजना को बंद कर फिर से पुरानी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की।