धीमी गति से हो रहा हाईवे का निर्माण कार्य
धूल के गुबार के बीच हो रही है वाहनों की आवाजाही
कोटद्वार। नजीबाबाद मार्ग पर कौड़िया से सुखरो नदी पुल तक करीब चार किलोमीटर का सफर काफी खतरनाक है। भारी वाहनों की तीव्र गति और उड़ते धूल के गुबार के बीच दोपहिया और छोटे चार पहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की हर समय आशंका बनी है।
कोटद्वार से नजीबाबाद के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण का कार्य करीब तीन वर्ष पहले शुरू हुआ था। सुखरो पुल से नजीबाबाद की ओर निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है जबकि सुखरो पुल से कोटद्वार की ओर कार्य की धीमी गति से कई जगह हालात खतरनाक बने हुए हैं।
मार्ग चौड़ीकरण के लिए कई जगह साइड समतल कर ली गई है जबकि कई जगह खोदे गए गड्ढों में मलबा नहीं डालने और समतल नहीं करने से मार्ग संकरा हो गया है। भारी वाहनों के तेज गति से गुजरने के दौरान उड़ने वाले धूल-मिट्टी के गुबार के बीच दोपहिया वाहनों से गुजरने वालों के लिए महज चार किलोमीटर का सफर खासा मुश्किल और जोखिमभरा हो गया है।
कोटद्वार से नजीबाबाद बाइक से आवागमन कर फेरी लगाने वाले मोनू सिंह, प्रत्येक मंगलवार को सिद्धबली मंदिर आने वाले मनोज कुमार का कहना है कि बड़ी-बड़ी मशीनें होने, आधुनिक तकनीक के साथ काम होने के बाद भी एक-एक महीने तक हाईवे पर सड़क को खोदकर छोड़ना न केवल समझ से परे है बल्कि मानव जीवन के लिए खतरनाक है। दूध का कारोबार करने वाले सुखदेव सिंह, मलकीत सिंह कहते हैं कि बाइक पर दूध की कैन लादकर मार्ग से गुजरना मुश्किल हो गया है। कई लोग बाइक समेत रपटकर गिर चुके हैं।
अनियंत्रित दौड़ रहे बड़े वाहन
डंपर, टैंकर, रोडवेज बस आदि बड़े वाहनों की गति पर कोई नियंत्रण नहीं है। कौड़िया से सुखरो पुल के बीच छोटे वाहनों की परवाह किए बगैर ये भारी वाहन धूल उड़ाते और बजरी को हवा में उछालते हुए गुजर रहे हैं।