कोटद्वार। अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के तहत गिवईंस्रोत के पंचायत घर में आयोजित गोष्ठी में हैदराबाद कांड को लेकर लोगों में आक्रोश नजर आया। महिलाओं ने हैदराबाद कांड के दरिंदों को जल्द फांसी की सजा देने की मांग उठाई। कहा कि डा. बिटिया के दोषी दरिंदों को जनता के हवाले कर देना चाहिए। इस दौरान महिलाओं को बाल अपराध और महिला हिंसा के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें कोतवाली, सीओ कार्यालय के सीयूजी नंबर और एकल एमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 नोट कराए गए।
अपराजिता कार्यक्रम में स्व. विष्णु सिंह रावत स्मृति संस्था की संयोजक रंजना रावत ने कहा कि दिल्ली के निर्भया कांड के बाद अब हैदराबाद की डा. बिटिया के साथ हुए जघन्य अपराध ने एक बार फिर से देश की जनता को झकझोर दिया है। देश की जनता ऐसे अपराधियों को सिर्फ फांसी की सजा देने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों को स्वयं सशक्त और जागरूक होना होगा। कहा कि कोटद्वार में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सभी महिलाओं और बेटियों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। रंजना रावत ने कहा कि यदि क्षेत्र में संदिग्ध लोग घूमते दिखाई दें या किसी नशेे के कारोबार की भनक लगे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। समाज सेवी सुधा असवाल ने हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के साथ हुई दरिंदगी को मानवता पर कलंक बताया। उन्होंने कहा कि इन दरिंदों का केस फाइलों में नहीं ऑनस्पाट निपटाने की जरूरत है। उन्हें सजा ऐसी मिलनी चाहिए कि हैवानियत करने की सोचने वालों की रूह तक कांप उठे। प्रीति सिंह ने कहा कि जिस दिन ऐसे दरिंदों को सड़क पर गोली मारी जाएगी, उस दिन ऐसे मामले अपने आप कम हो जाएंगे। उन्होेंने कहा कि ऐसे मामलों के लिए न्यायिक प्रक्रिया में बदलाव होना चाहिए ताकि ऐसे मामले लंबे समय तक अदालत में न पड़े रहें। गोष्ठी में विमलेश नेगी, गंगा देवी व कमला देवी समेत 87 प्रतिभागी शामिल रहे।
-फोटो