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डा. बिटिया के साथ न्याय तभी, जब दरिंदों को मिले सजा-ए-मौत

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राउमावि ग्रास्टनगंज में आयोजित अपराजिता गोष्ठी में शामिल प्रतिभागी। - फोटो : KOTDWAR
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हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक का दुष्कर्म करने के बाद जलाने वाली घटना पर छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं में भारी आक्रोश दिखा। छात्राओं और शिक्षिकाओं ने अब और सख्त कानून बनाकर जल्द से जल्द अपराधियों को सजा दिलाने की मांग की है। कहा कि कानून इतना सख्त हो कि अपराध की प्रमाणिक पुष्टि होने के बाद अपराधी को सजा-ए-मौत मिले और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। यह बात राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ग्रास्टनगंज में आयोजित अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों, बीएड प्रशिक्षुओं और छात्र-छात्राओं ने कही है।
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बुधवार को राउमावि ग्रास्टनगंज में अपराजिता कार्यक्रम के तहत आयोजित गोष्ठी में शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा छात्र-छात्राओं ने भी अपना रोष व्यक्त कर सभी ने एक स्वर में कहा कि हैदाराबाद कांड के दोषियों को जल्द सजा-ए-मौत मिले, ताकि डॉ बिटिया को न्याय मिल सके। कहा कि अपराधियों को जल्द सजा मिलने से महिलाओं-किशोरियों में सुरक्षा का भाव पैदा होगा। शिक्षकों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार द्वारा को ठोस कानून बनाने जाएं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पैरा लीगल वालंटियर राखीपाल ने कहा कि जब तक महिलाओं की सुरक्षा के लिए कठोर कानून नहीं बनेंगे, तब तक इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी। महिलाएं हर क्षेत्र में काम कर रही हैं। उनको कभी ड्यूटी पर दिन में तो कभी रात में जाना पड़ता है। सरकार उनकी सुरक्षा पर ठोस कदम उठाना चाहिए।
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प्रधानाध्यापक रामतीर्थ यादव ने कहा कि हैदराबाद जैसे जघन्य अपराध को रोकने की पहल की जानी चाहिए। दोषी जब तक ऐसे कांड दोहराते रहेंगे, तब तक महिलाएं सुरक्षित नहीं रह पाएगी। शिक्षक भारत सिंह बिष्ट ने कहा कि हैदराबाद जैसी घटना के आरोपियों को जल्द सजा मिलने का प्रावधान किया जाना चाहिए।
शिक्षिका लक्ष्मी देवी, नेहा अग्रवाल, अनिता कंडारी ने कहा कि बेटियां को पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। ऐसे में इस प्रकार की घटनाओं से माता-पिता में भी बेटियों के प्रति चिंता बनी रहती है। बीएड प्रशिक्षु पूजा रावत, जैसमीन,अनुजा रावत, कंचनलता ने कहा ऐसे अपराध करने वाले लोगों को खुलेआम फांसी देनी चाहिए, ताकि ऐसे अपराध करने की सोचने से पहले ही अपराधी खौफजदा रहे। तभी बेटियां सुरक्षित रह सकेंगी।
छात्राओं ने कहा कि हैदराबाद में महिला चिकित्सक के साथ जो हुआ, वह इंसानियत नहीं, बल्कि हैवानियत है। इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को सरेआम चौराहों पर फांसी देने की जरूरत है। कार्यक्रम में शिक्षक त्रिलोचन प्रसाद पांथरी, राजेश थपलियाल, बृजेश कुमार साहनी, मोहम्मद तय्यब, अभिषेक नेगी आदि शामिल रहे।
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