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राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार : नहीं पहुंचे निश्चेतक, चार दिन से ऑपरेशन ठप

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कोटद्वार। राजकीय बेस अस्पताल में चार दिन से ऑपरेशन व्यवस्था ठप है। ऑपरेशन के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। दरअसल, बेस अस्पताल के निश्चेतक सेवानिवृत्त हो चुके हैं और स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से तय किए गए 10 दिन के रोस्टर के अंतर्गत गोपेश्वर से निश्चेतक बेस अस्पताल नहीं पहुंच पाए हैं।

कोटद्वार स्थित राजकीय बेस अस्पताल की क्षमता 300 बेड की है। यहां हड्डी, पेट, नाक, कान और गला रोगियों के अलावा गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन किए जाते हैं। इसके लिए निश्चेतक की उपलब्धता अनिवार्य होती है। अस्पताल में तैनात निश्चेतक डॉ. एसडी आर्य बीते 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए थे। इस कारण पूरे जुलाई में एक महीने तक अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो सके थे। तब अमर उजाला ने जनता के स्वास्थ्य से जुड़े इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। तब स्वास्थ्य निदेशालय ने एक अगस्त से 20 सितंबर तक 51 दिन के लिए 10-10 दिन का रोस्टर बनाकर पांच निश्चेतकों की व्यवस्था की थी।
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इस बीच भी स्वास्थ्य विभाग और निदेशालय यहां स्थायी निश्चेतक की तैनाती नहीं कर सका। आनन-फानन 21 से 30 सितंबर तक 10 दिन के लिए गोपेश्वर से निश्चेतक डॉ. गौरव की बेस अस्पताल कोटद्वार में अस्थायी तैनाती के निर्देश तो हुए, लेकिन डॉ. गौरव अस्पताल नहीं पहुंच सके। जिससे चार दिन से अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। तीमारदार मरीज को ऑपरेशन के लिए अन्यत्र प्राइवेट अस्पतालों में ले जाने को मजबूर हैं।
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बोले सीएमएस

निश्चेतक के अस्पताल नहीं आने से ऑपरेशन बंद हैं। स्थिति से निदेशालय और सीएमओ चमोली को अवगत करा दिया गया है। इसके साथ ही स्थायी निश्चेतक की तैनाती के लिए निदेशालय से पत्राचार किया जा रहा है।



-डॉ. विजयेश भारद्वाज, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, बेस अस्पताल कोटद्वार
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