कण्वघाटी। भाबर के झंडीचौड़ में गढ़वाल राजपूत सभा पंजी. दिल्ली की ओर से सम्मान समारोह आयोजित हुआ। जिसमें बहरीन में आयोजित पैरालिंपिक खेलों में ताइक्वांडो प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतने वाली करिश्मा रावत को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
करिश्मा के कोच पौड़ी जिले के मूल निवासी मंजीत सिंह नेगी ने बताया कि अनीता रावत और कमल सिंह रावत की पुत्री करिश्मा रावत ने बहरीन में आयोजित पैरालिंपिक खेलों में ताइक्वांडो में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतकर उत्तराखंड ही नहीं समूचे भारत का नाम रोशन किया है। ग्राम सिमलखेत, धरगांव, विकासखंड यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल निवासी करिश्मा रावत के पिता कमल सिंह रावत चंडीगढ़ में रहकर काम करते हैं। करिश्मा ने इसी वर्ष पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली। पैरों में कुछ दिक्कत आने के बाद भी करिश्मा ताईक्वांडो के अलावा 100 मीटर दौड़ और शार्टपुट खेल में काफी प्रतिभाशाली हैं।
करिश्मा ने 100 मीटर दौड़ और शार्टपुट खेल में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थाईलैंड, दिल्ली, जालंधर, गुजरात और गोवा में आयोजित प्रतिस्पर्धाओं में देश और राज्य का प्रतिनिधित्व कर ज्यादातर प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीते हैं। देश और प्रदेशों में कई संस्थाएं उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं। सम्मान समारोह में गढ़वाल राजपूत सभा के मार्गदर्शक एवं समाजसेवी मोहन सिंह रावत, क्षेत्रीय सचिव सुभाष गुसाईं, निवर्तमान पार्षद अमित नेगी, सुखपाल शाह, योग प्रशिक्षिका रजनी अग्रवाल आदि ने करिश्मा की पीठ थपथपाई।