गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन (जीएमओयू) की इस बार पहले चरण में चारधाम यात्रा में 157 बसों को चलाएगा। जरूरत पड़ने पर अन्य बसें भी चलाई जाएंगी।
जीएमओयू के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल की अध्यक्षता में कोटद्वार में हुई बैठक में कंपनी प्रबंधकों ने सरकार से चारधाम यात्रा की वापसी का रूट श्रीनगर से पौड़ी, खिर्सू और लैंसडौन होते हुए कोटद्वार से हरिद्वार करने की मांग की है।
कहा इससे हरिद्वार-ऋषिकेश-देवप्रयाग-श्रीनगर रूट पर यातायात का दबाव कम होगा तथा देश-विदेश से चारधाम यात्रा पर आने वाले लोग को पौड़ी, खिर्सू और लैंसडौन की प्राकृतिक छटा भी देखने को मिलेगी। जीएमओयू ने इस बाबत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भी भेजा है।
कंपनी ने कार्बेट नेशनल पार्क, कण्वाश्रम जैसे स्थलों का जिक्र करते हुए चिलरखाल-लालढांग मार्ग को अविलंब चौड़ीकरण कर पक्का बनाने की मांग भी की। जीएमओयू के महाप्रबंधक विजयपाल सिंह नेगी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान यह प्रयास रहेगा कि कंपनी की लोकल सेवाएं प्रभावित न हों। पहाड़ के हर रूट पर बस सेवाओं का संचालन करने का प्रयास रहेगा।