कोटद्वार/कण्वघाटी। कोटद्वार भाबर और लालढांग क्षेत्र की लाइफ लाइन चिल्लरखाल-लालढांग वन मोटर मार्ग पर बुधवार से जीएमओयू की बस सेवाएं शुरू हो गई हैं। पहली अक्तूबर से वन विभाग ने जीएमओयू को वाहनों के संचालन की अनुमति दी है। दो दिन पूर्व वन विभाग ने बरसात से क्षतिग्रस्त सड़क में पड़े गड्ढों को मिट्टी व रेत से भरकर वाहनों को आवाजाही लायक बनाया।
बीते 29 जून को भारी बारिश के कारण चिल्लरखाल-लालढांग मार्ग सिगड्डीसोत व मैहलीसोत के अलावा कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से इस मार्ग पर हरिद्वार के लिए वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी थी। राज्य की सीमा के भीतर से स्थित इस मार्ग का उपयोग कोटद्वार से चिल्लरखाल-लालढांग होते हुए किया जाता है। गैंडीखाता में यह मार्ग नजीबाबाद-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग में मिल जाता है। बरसात में पूरे तीन माह तक यह मार्ग बाधित होने से कोटद्वार भाबर के लोगों को नजीबाबाद होते हुए आवाजाही करनी पड़ रही थी।
लालढांग के रेंज अधिकारी अनुराग जोशी ने बताया कि एक अक्तूबर से इस मार्ग को यात्री एवं अन्य वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। मार्ग खुलने से कोटद्वार भाबर के लोगों ने राहत की सांस ली है। जीएमओयू के सचिव विजयपाल सिंह नेगी ने बताया कि बुधवार से इस मार्ग से यात्री बसों की आवाजाही शुरू कर दी गई है।