फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kotdwar News: भालू को पकड़ने के लिए चार टीमें गठित

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
थलीसैंण। गढ़वाल वन प्रभाग के पैठाणी रेंज में बीते दिनों से भालू के हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं। यह भालू अब तक 35 से अधिक मवेशियों को मार चुका है। विकासखंड थलीसैंण में सबसे अधिक प्रभावित गांवों में कुचौली, कुंडील, कठयूड़ और सौंठ शामिल हैं, जबकि रीखौली खंड के दो अन्य गांवों में भी हमलों की पुष्टि हुई है। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने भालू को मारने के आदेश होने के बाद अभियान शुरू कर दिया है। वन विभाग की 17 विशेषज्ञों की चार टीमें गठित की गई हैं। इनमें दो चिकित्सक, दो ट्रेंकुलाइज स्नाइपर और अनुभवी वन्यजीव विशेषज्ञ शामिल हैं। एसडीओ आयशा बिष्ट ने बताया कि भालू की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक ड्रोन कैमरा और 10 ट्रैप कैमरे संभावित स्थलों पर स्थापित किए गए हैं। हालांकि विभाग के सामने बड़ी चुनौती है कि करीब 600 गोशालाओं की चौकसी करनी पड़ रही है। डीएफओ सिविल सोएम डीएफओ पवन नेगी ने बताया कि शनिवार को सभी 17 सदस्यीय टीमें चार अलग-अलग गांवों में जाकर रातभर ग्रामीणों के साथ भालू की गतिविधियों की मॉनिटरिंग का मुआयना किया। इस दौरान भालू को पकड़ने के लिए पिंजरे और जाल लगाए गए हैं। जिन क्षेत्रों में भालू के सबसे अधिक हमले हुए हैं, वहां गतिविधियों को नोट करने के लिए कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। इसके अलावा टीम की ओर से कई स्थानों पर मचान भी बनाए गए हैं, ताकि निगरानी और ट्रैकिंग को और प्रभावी बनाया जा सके। भालू की लोकेशन स्पष्ट होते ही ऑपरेशन में और अधिक प्रोफेशनल शूटरों को शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें