दुगड्डा, जयहरीखाल समेत जिले के ग्रामीण अंचलों में लोग वैक्सीनेशन के लिए भटक रहे हैं। ज्यादातर लोगों को कोरोना का पहला टीका लग चुका है और दूसरा टीका लगवाने के लिए गांव में लगने वाले कैंप का इंतजार है। लोगों का कहना है कि पहली डोज लगे चार माह हो गए लेकिन अभी तक गांव में दूसरी डोज के लिए कैंप नहीं लगाया गया है।
ग्रामीण ज्योति देवी, ध्यान सिंह का कहना है कि जयहरीखाल ब्लाक के सुदूरवर्ती गांवों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीनेशन के लिए शिविर लगाए गए थे, लेकिन वैक्सीनेशन की दूसरी डोज लगाने के लिए लोग भटक रहे हैं। वैक्सीनेशन के लिए स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों से संपर्क कर रहे हैं तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। वहीं महिला कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री रंजना रावत का कहना है कि जयहरीखाल के बरस्वार तल्ला, मल्ला, पालकोट व जदला समेत कई गांवों में 45 प्लस आयु वर्ग में लोगों को एक डोज लगे चार माह से अधिक का समय हो गया। पहली डोज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांव के स्कूूलों में कैंप लगाए, लेकिन दूसरी डोज लगाने के लिए अभी तक कैंप नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में अविलंब कैंप लगाने की मांग की।
कोट
वैक्सीन उपलब्ध होते ही प्राथमिकता के आधार पर लगाएंगे
जयहरीखाल के ब्लाक चिकित्साधिकारी डा. पुंकेश कुमार ने बताया कि दूसरी डोज 84 दिन के बाद लगाई जा सकती है। वैक्सीन उपलब्ध होते ही दूसरी डोज को प्राथमिकता के आधार पर लगाया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जयहरीखाल में भी वैक्सीनेशन के लिए व्यवस्था की गई है।