संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। एकेश्वर ब्लॉक के इंटर कॉलेज इंदिरापुरी में आयोजित पुरातन छात्र सम्मेलन में सभी पुरातन छात्रों ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए। इस मौके पर सामूहिक सहभागिता से विद्यालय के ढांचागत विकास को सही कर उसके अस्तित्व को बचाने का संकल्प भी लिया।
समारोह का उद्घाटन वरिष्ठ पूर्व छात्र शिवदयाल इष्टवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के पूर्व छात्र कर्नल मेहरबान सिंह चौहान ने कहा कि आजादी के समय 1947 में स्थापित प्रबंध समिति द्वारा संचालित इस विद्यालय ने सर्वप्रथम क्षेत्र की मवालस्यूं, रिंगवाड़स्यूं, घुड़दौड़स्यूं पट्टी के गांवों में शिक्षा की अलख जगाई थी।
तब क्षेत्र में जूनियर स्तर से इंटरमीडिएट स्तर तक अन्य कोई विद्यालय नहीं था। पलायन व विज्ञान विषयों में पद सृजित नहीं होने कारण विद्यालय में छात्र संख्या घटकर 36 तक पहुंच गई है। पूर्व छात्र संगठन का लक्ष्य सामुदायिक सहभागिता से विद्यालय का ढांचागत विकास कर उसके अस्तित्व को बचाना है।
कहा कि इंटर कॉलेज इंदिरापुरी से पढ़ने वाले 37 गांवों के 1250 पूर्व छात्रों की वह सूची बना चुके हैं। सभी गांवों के पूर्व छात्रों को एकजुट करने का कार्य आज से ही शुरू कर दिया जाएगा।
इस मौके पर अगले वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर विद्यालय में वृहद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया। सम्मेलन में विद्यालय के प्रबंधक महेंद्र डंडरियाल, सौकार सिंह रावत, मेहरबान सिंह चौहान, मनमोहन घिल्डियाल, प्रदीप बमोला, सतीश इष्टवाल, हेमचंद्र इष्टवाल, बबेंद्र इष्टवाल, कांता प्रसाद डंडरियाल आदि मौजूद थे। संचालन देवेंद्र भट्ट व मनमोहन घिल्डियाल ने किया।