कोटद्वार/कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) और केटीआर वन प्रभाग में अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 की तैयारियां तेजी से जारी हैं। गणना शुरू होने से पहले वन कर्मियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कालागढ़ स्थित कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र में कालागढ़, ढेला और झिरना रेंज के 58 अधिकारियों व कर्मियों को बाघ के वासस्थल की पहचान, खोजपत्र भरने की प्रक्रिया, ट्रांजेक्ट लाइन और कैमरा ट्रैप आधारित गणना तकनीक की जानकारी टाइगर सेल की वन आरक्षी प्रेमा तिवारी, रिसर्चर शाहबाज और आरिफ अंसारी ने दी। पार्क वार्डन व उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदरपाल ने गणना के उद्देश्य व बाघ संरक्षण पर प्रकाश डाला और गणना के दौरान आने वाली चुनौतियों पर सतर्क रहने की सलाह दी। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी नंदकिशोर रूबाली, किशोर चंद शर्मा, महेश चंद्र जोशी, रक्षित पांडे, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
सीटीआर के निदेशक डॉ. साकेत बड़ोला ने बताया कि अखिल भारतीय बाघ गणना 15 दिसंबर से प्रस्तावित है और उससे पूर्व सभी अधिकारियों व कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार बाघ गणना के सकारात्मक परिणाम आने की संभावना है।