सिंचाई विभाग की ओर से भेजा गया था प्रस्ताव
कोटद्वार। भाबर क्षेत्र में मालन नदी से सटे कोठला, गोरखपुर, नंदपुर, पदमपुर मोटाढांक और शिवराजपुर के ग्रामीणों को इस बार बरसात में बाढ़ और भूकटाव का डर नहीं सताएगा। शासन ने इन गांवों में बाढ़ सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए सिंचाई विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करते हुए 10 करोड़ की धनराशि आवंटित कर दी है।
वर्ष 2023 में 8 व 13 अगस्त को आई बाढ़ से नदी के पूर्वी छोर में बसे वार्ड नंबर 30 व 31 में कोठला, गोरखपुर, नंदपुर, पदमपुर आदि इलाकों में कृषि भूमि का भारी कटाव हुआ। आपदा के बाद मुख्यमंत्री ने जहां क्षेत्र का हवाई दौरा किया। वहीं क्षेत्रीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने भी स्थलीय निरीक्षण किया था।
नदी का रुख आबादी की ओर होने से बरसात में हर साल मालन नदी के उफान से इन क्षेत्रों में कृषि भूमि को काफी नुकसान पहुंच रहा है। भाबर क्षेत्र के लोग लंबे समय से कोठला से पदमपुर मोटाढांक तक करीब तीन किमी सुरक्षा दीवार के निर्माण की मांग उठा रहे थे। लोगों की मांग पर पांचों गांवों में बाढ़ सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए सिंचाई विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्तावों को शासन ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
शासन ने मालन नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्यों के भेजे गए प्रस्तावों में कोठला, गोरखपुर, नंदपुर और पदमपुर मोटाढाक में 600 मीटर सुरक्षा दीवार व शिवराजपुर में 576 मीटर बाढ़ सुरक्षा दीवार के लिए करीब 10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।
- विनोद कुमार, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग दुगड्डा।