कोटद्वार। सुरक्षा संसाधनों के अभाव में राजकीय बेस अस्पताल में हर दिक्कत दिक्कत हो रही है। सुरक्षाकर्मियों के लिए पुलिस, प्रशासन, निदेशालय और जनप्रतिनिधियों से कई बार फरियाद करने पर भी अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं हुई है।
बेस अस्पताल में 25 दिसंबर को इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात एक महिला चिकित्सक के साथ एक महिला ने हाथापाई की थी। इससे पहले 14 नवंबर को दिन ढलने के बाद एक सिरफिरे युवक ने अस्पताल में अश्लील हरकतें की, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ। गत वर्ष होली से अगले दिन भी अस्पताल में टकराव की घटना हुई थी। नौ फरवरी की रात नशे में धुत युवक ने इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ कर डाली थी।
बेस अस्पताल में मरीजों के लिए आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होने से कोटद्वार के अलावा पर्वतीय क्षेत्रों से भी मरीज रहते हैं। रात्रि में इमरजेंसी वार्ड में एक चिकित्सक, दो चिकित्सीय स्टाफ एवं एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अलावा भर्ती वार्ड में चिकित्सीय स्टाफ रहता है। स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखंड ने अब तक हुईं घटनाओं से सबक नहीं लिया, जिससे अभी तक भी अस्पताल में सुरक्षाकर्मी की तैनाती नहीं हो सकी है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजीव पाल का कहना है कि अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था करने के संबंध में जिला प्रशासन एवं विभागीय उच्च अधिकारियों से कई बार पत्राचार किया गया है।