फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kotdwar News: महावीर चक्र विजेता चंद्र नारायण सिंह के परिजनों ने गढ़वाल राइफल्स को सौंपे पदक

विज्ञापन
विज्ञापन
लैंसडौन। 1965 के भारत-पाक युद्ध के वीर सेनानी कैप्टन चंद्र नारायण सिंह को उनकी वीरता व शौर्य के लिए मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। महावीर चक्र पदक विजेता के परिजनों ने वीर शहीद की याद को चिरस्थायी बनाते हुए वीर शहीद को मिले महावीर चक्र पदक सहित अन्य सम्मान गढ़वाल राइफल्स को सौंपे।
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 16वीं गढ़वाल द्वारा वीर शहीद की 60वीं पुण्यतिथि पर विशेष समारोह का आयोजन किया गया था। महावीर चक्र से सम्मानित कैप्टन चंद्र नारायण सिंह के छोटे भाई सुखदेव सिंह ने इस प्रतिष्ठित वीरता सम्मान महावीर चक्र सहित अन्य वीरता सम्मान पदक गढ़वाल राइफल्स एंड गढ़वाल स्काउट्स के कर्नल ऑफ दि रेजिमेंट व कमांडर इन चीफ अंडमान एंड निकोबार कमांड ले. जनरल डीएस राणा को भेंट किए। 9 कोर ब्रिगेड के जीओसी ले. जनरल राजन सहरावत, गढ़वाल राइफल्स के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, द्वितीय गढ़वाल के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विशाल कुमार सिंह सहित सेना के अधिकारी मौजूद रहे।
वीर शहीद के परिवार से उनकी वीरता से अर्जित सम्मान पदकों को ग्रहण करते हुए ले. जनरल डीएस राणा ने कहा कि भारत-पाक युद्ध में कैप्टन चंद्र नारायण सिंह ने अद्भुत साहस व वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन सेना की नाक में दम कर दिया था। 5 अगस्त 1965 को कैप्टन चंद्र सिंह नारायण को जम्मू कश्मीर के गलूठी के इलाके में पाक घुसपैठी सैनिकों को खोजने का टास्क मिला था। जब वे अपनी टुकड़ी के साथ 4 हजार मीटर ऊंचे दुर्गम इलाके में खोजबीन कर रहे थे, तो पाक पोस्ट से भारी गोलाबारी और ग्रेनेड फायरिंग शुरू हो गई। चंद्र नारायण सिंह की अगुवाई में सैनिकों ने शत्रु पोस्ट पर फायरिंग कर उन्हें नेस्तनाबूद कर करते हुए दुश्मन के गोला बारूद पर कब्जा कर लिया था। इस युद्ध में वे वीरगति को प्राप्त हुए थे।
विज्ञापन




मरणोपरांत इस वीर को सेना के प्रतिष्ठित सम्मान महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। उनका बलिदान हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि वीर हमेशा दिलों में जिंदा रहते हैं। उनकी वीरता के किस्से हम सबको कर्तव्य मार्ग पर बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। वीर चंद्र नारायण सिंह द्वारा अर्जित सैन्य सम्मान में महावीर चक्र सहित अन्य वीरता पदक जो परिजनों द्वारा गढ़वाल राइफल्स को प्रदान किए गए हैं, वे गढ़वाल राइफल्स लैंसडौन के म्यूजियम की शोभा बढ़ाएंगे। ये पदक उनकी वीरता को चिरस्थायी बनाएंगे।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें