एसडीएम रजा अब्बास ने बच्चों के पीठ (बस्ते) का बोझ कम करने की पहल शुरू की है। इसके तहत एसडीएम ने स्कूल प्रबंधन व अभिभावकों को कुछ सुझाव दिए हैं। अब्बास का कहना है कि क्षमता से अधिक भार का बस्ता ढोने से बच्चों में शारीरिक समस्याएं पैदा हो रही हैं।
अब जल्द ही श्रीनगर तहसील क्षेत्र के बच्चों को भारी बस्ते से निजात मिल जाएगी। यदि एसडीएम रजा अब्बास की पहल साकार हुई तो बच्चे चयनित व अति आवश्यक पाठ्य सामाग्री लेकर ही विद्यालय ही जाएगें।
एसडीएम रजा अब्बास ने बताया कि बस्ते का बोझ बच्चे के वजन के मात्र 10 फीसदी ही होना चाहिए। जबकि आजकल बच्चों के बस्ते का बोझ क्षमता से कई गुने अधिक है। जिससे बच्चों के शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि बस्ते का बोझ क कम करने के लिए उन्होंने अभियान की शुरूआत की है। जिसमें स्कूल प्रबंधन को पाठ्य सामग्री साझा किए जाने के लिए कहा गया है। जिसके तहत एक बैंच पर दो छात्र बैठाए जाने हैं। दोनों छात्रों को आधी-आधी पाठ्य सामग्री लानी है। साथ ही बच्चे पानी की बोतल तो लाएंगे लेकिन आरओ का पानी विद्यालय उपलब्ध कराएगा। रजा अब्बास ने बताया कि कई अन्य सुझावों पर भी विद्यालय प्रबंधन व अभिभावकों से चर्चा की जा रही है। पहल रंग लाई तो जल्द बच्चों को भारी बस्ते से छुटकारा मिल जाएगा।