भर्ती कराना पड़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, छात्राएं खाली पेट स्कूल में आ रही हैं। धूप में खड़े रहने पर रक्तचाप घटने से वह बेहोश रही हैं। वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों के अभिभावकों से कई बार नाश्ता करने के बाद ही स्कूल भेजने की अपील की गई, लेकिन इसके बावजूद बच्चे खाली पेट स्कूल आ रहे हैं।
बुधवार सुबह लगभग 10.00 बजे जीआईसी कीर्तिनगर में प्रार्थना सभा चल रही थी। इसी दौरान दो छात्राएं मूर्छित होकर जमीन में गिर गई थीं। स्कूल के शिक्षक उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ले गए। जहां चिकित्सकों ने उन पर ग्लूकोज चढ़ाया। जिससे वह होश में आईं। सीएचसी प्रभारी डा. रविंद्र राणा ने बताया कि कमजोरी की वजह से छात्राओं को तेज धूप में चक्कर आ रहे हैं। छात्राएं सुबह खाली पेट स्कूल आ रही हैं।
यहां बता दें कि मंगलवार को तीन, सोमवार को चार और शनिवार को भी दो छात्राएं बेहोश हुई थीं। खास बात यह है कि बेहोश सिर्फ छात्राएं हो रही हैं। छात्रों के समक्ष इस तरह की परेशानी नहीं आई है।
प्रभारी प्रधानाचार्य एचएम रतूड़ी ने बताया पूर्व में सभी बच्चों को घर से नाश्ता करने के साथ ही टिफिन लाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद कई बच्चे बिना खाए ही स्कूल आ रहे हैं। अध्यापक-अभिभावक संघ की कार्यकारिणी ने भी बच्चों से खाना खाकर स्कूल आने को कहा है।