मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद से चल रही सियासी हलचल पर क्षेत्र के लोगों की निगाह बनी रही। भाजपाई जहां बार-बार सीएम बदलने को पार्टी के लिए घातक बता रहे थे, वहीं कांग्रेस खेमे में भी नए सीएम को लेकर काफी चर्चाएं बनी रही। शनिवार शाम को पुष्कर सिंह धामी के नाम की घोषणा होते ही अटकलों पर विराम लग गया। सतपाल महाराज और त्रिवेंद्र सिंह रावत के समर्थकों में मायूसी दिखी।
वरिष्ठ व वयोवृद्ध भाजपा कार्यकर्ता परमानंद बलोधी ने बार-बार सीएम बदलने को पार्टी के लिए आत्मघाती कदम बताया। कहा कि पार्टी की इस कमजोरी पर विपक्षी दल को चटकारे लेने का मौका मिल गया। कहा कि जब एक बार सीएम बदल दिया गया था, तो इससे उपजे संवैधानिक संकट को पहले ही भांप लिया जाना चाहिए था। कई कार्यकर्ताओं ने नए सीएम को ऊर्जावान बताते हुए पार्टी के कदम का स्वागत भी किया। अधिवक्ता जगमोहन भारद्वाज का कहना था कि पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में सरकार पूरे उत्साह और ऊर्जा से काम करेगी।
भाजयुमो के जिलाध्यक्ष सौरभ नौडियाल ने कहा कि पार्टी का निर्णय कार्यकर्ताओं को स्वीकारना चाहिए। नए सीएम पुष्कर सिंह धामी राज्य की अपेक्षा और आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे। ज्यादातर कार्यकर्ताओं और समर्थकों को इस बार पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज या पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के सीएम बनने की उम्मीद थी। जैसे ही पुष्कर सिंह धामी के नाम का एलान हुआ, कार्यकर्ताओं में निराशा छा गई। दो दिन पहले ही पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत कोटद्वार में एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। तबसे उनके समर्थकों में फिर से मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद जग गई थी।