ग्राम पंचायत ग्रास्टनगंज में सोमवार की रात एक बजे टस्कर हाथी ने एक झोपड़ी तोड़ डाली और उसके अंदर सो रहे मजदूर को घायल कर दिया। वन कर्मियों ने किसी प्रकार हाथी को खदेड़कर मजदूर की जान बचाई और राजकीय अस्पताल में उसका इलाज कराया।
ग्रास्टनगंज खोह नदी के किनारे आधी रात को हाथी के चिंघाड़ने की आवाज से लोग दहशत में आ गए। इससे पहले कि श्रमिक अपनी झोपड़ियों से बाहर निकलते, हाथी ने रामसिंह की झोपड़ी को तोड़ना शुरू कर दिया। झोपड़ी टूटते ही वह बाहर निकला। राम सिंह को देखते ही हाथी ने उस पर हमला बोल दिया। हाथी ने उसे पांव से रौंदने का प्रयास किया। लेकिन वह छिटक गया और नजदीक गड्ढे में गिर गया। इस दौरान मजदूर के सिर में चोट लग गई। पड़ोस के लोगों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। कोटद्वार रेंज के डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह, वन कर्मी अनूप सिंह और संगीत कुमार के साथ मौके पर पहुंचे और हाथी को वहां से खदेड़ा। उन्होंने गड्ढे के अंदर घायल राम सिंह को बाहर निकाला और अस्पताल भेजा।
ग्राम प्रधान विपुल बलूनी ने वन विभाग से हाथियों के उत्पात से निजात दिलाने की मांग की है। रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि हाथी को जंगल में रोकने के लिए उसके निकलने वाले मार्गों पर आग जलाई जा रही है। इसके अलावा गश्त तेज कर दी गई है।