सनेह क्षेत्र के रामपुर गांव में शुक्रवार रात को एक टस्कर हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। उसने लोगों की दो टायलेट पिट तोड़ डाली, चारे का खेत चट कर दिया और प्याज की क्यारी रौंद डाली। हाथी ने भगाने गए लोगों के पीछे दौड़ लगाई। हाथी के इस प्रकार आबादी में धमक आने के कारण ग्रामीणों में भय है। उन्होंने वन विभाग से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
शुक्रवार रात साढ़े 12 बजे रामपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब हाथी ने सतीश सिंह नेगी के टायलेट की दो पिट तोड़ डाली। सतीश के परिवार की पिट टूटने की आवाज के साथ नींद खुल गई। सतीश ने घबराकर घर के बाहर की लाइट जलाई और खिड़की से बाहर झांका तो आंगन में एक टस्कर हाथी को देखकर उसके होश उड़ गए।
हाथी कुछ देर बाद सामने ही प्याज की क्यारी में चला गया। सामने ही गोशाला थी उसको बचाने को लेकर सतीश टार्च लेकर घर से बाहर निकला। जैसे ही हरीश ने हाथी की ओर टार्च चमकाई हाथी ने उसकी ओर दौड़ लगा दी। उसने घर के अंदर भागकर जान बचाई। हाथी के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर गांव के अन्य लोग भी जाग गए। उन्होंने हो हल्ला शुरू कर दिया। तब जाकर हाथी जंगल में चला गया।
स्थानीय निवासी मोहन सिंह रावत व सतीश सिंह नेगी ने वन विभाग पर हाथी से नागरिकों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि रामपुर गांव में आधी अधूरी हाथी सुरक्षा दीवार बनाई गई है, जिसके कारण हाथी आबादी में धमक रहा है। इससे जानमाल के नुकसान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने हाथी सुरक्षा दीवार को पूरा करने और नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की।
उधर, डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह ने बताया कि रामपुर गांव में हाथी के आने की सूचना है। हाथी से सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जा रही है। नुकसान के मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।