बैजरो/थलीसैंण। थलीसैंण ब्लॉक के चौथान पट्टी में बुधवार रात को हुई अतिवृष्टि ने तबाही मचाई है। डांग में पहाड़ी से आया मलबा 14 आवासीय भवनों में घुस गया। जिससे करीब 25 परिवार प्रभावित हुए हैं। खेत-खलिहानों में मलबा भर गया है। गांव के पेयजल स्रोत को भी भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, जगतपुरी गांव में सांखेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओें के लिए बनाया गया टिनशेड भूकटाव होने से धराशायी हो गया है। बूंगीधार बाजार में पुलिया बहने से सड़क मार्ग बाधित हो गया है। पूरे क्षेत्र में सड़क और संचार संपर्क भी ध्वस्त हो चुका है। प्रशासन के साथ ही एसडीआरएफ की टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।
थलीसैंण के तहसीलदार आनंदपाल ने बताया कि अतिवृष्टि से डांग गांव में पहाड़ी से मलबा आने के कारण 14 मकानों में घुस गया है, जिससे गांव के 25 परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने रात को ही गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों को गांव में सुरक्षित जगह शिफ्ट करा दिया है। गांव के खेत खलिहानों और घर-आंगन में मलबा भर गया है। कहा कि जगतपुरी में सांखेश्वर महादेव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए बना टिनशेड भी बिनो नदी में आई बाढ़ से भूकटाव होने के कारण धराशायी हो गया है। मंदिर की चाहरदीवारी और मंदिर तक आवाजाही करने के लिए बनी पुलिया भी ध्वस्त हो गई है। मासौं के पास थलीसैंण-पीठसैण-जगतपुरी मोटर मार्ग का करीब 20 मीटर हिस्सा बह गया है। अन्य कई जगहों पर भी भारी मात्रा में पहाड़ी से मलबा आने से यह मार्ग पैदल चलने लायक भी नहीं रह गया है। धारकोट गांव में आठ आवासीय भवनों में मलबा घुस गया। बैजरो-बूंगीधार-गैरसैंण मोटर मार्ग पर डडोली तल्ली गांव के पास गदेरे में बना पुल के पिलर की जड़ पर भूकटाव से पुल के बहने का खतरा बना हुआ है। इसी मार्ग पर बूंगीधार बाजार में पुलिया बहने से यहां पर भी सड़क मार्ग बाधित हो गया है। क्षेत्र की अन्य सड़कें भी मलबा आने के कारण बाधित हैं। पापतोली गांव के गोगरानी तोक में आपदा में पशुपालक दयाल सिंह की चार भेड़ें मर गई हैं। थान, किंमवाड़ी, स्यूंसाल और मासौं गांव में भी ग्रामीणों के खेत बह गए हैं। जिससे धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।