जंगलों के आग की चपेट में आने परेशान गुलदार और अन्य प्राणी बचने के लिए आबादी वाले इलाकों की तरफ रुख कर रहे हैं। इन दिनों आबादी वाले क्षेत्रों में कई जगह गुलदार दिख रहे हैं। शहर से कुछ दूर खांड्यूसैण के समीप मंगलवार को गुुलदार एक छत पर दुबका दिखाई दिया। कुछ लोगों ने उसे अपने कैमरे में कैद कर लिया।
गढ़वाल मंडल में आग लगने से अब तक 1660.03 हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं। जंगलों में लगी आग से गुलदार, काकड़, घुरड़ समेत कई अन्य वन्य प्राणियों के वास स्थल भी जल गए हैं। वनस्पतियों के आग की चपेट में आने से उन्हें जंगलों में भोजन भी नहीं मिल पा रहा है।
ऐसे में वन्य प्राणी खुद को बचाने के लिए आबादी क्षेत्र का रुख कर रहे हैं। संस्कृति कर्मी दिनेश रावत बताते हैं कि गुलदार समेत कई अन्य वन्य प्राणी इन दिनों आबादी वाले क्षेत्रों में दिख रहे हैं। मंगलवार को खांड्यूसैण के समीप एक मकान की छत में दिन ढलते ही एक गुलदार टंकी के पीछे दुबका दिखाई, जिसे उन्होंने अपने कैमरे में कैद कर लिया।
छायाकार अरविंद मुद्गल कहते हैं जंगलों की आग से खुद को सुरक्षित रखने के लिए वन्य प्राणी आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ आ रहे हैं। गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ रमेश चंद्र का कहना है विभागीय अधिकारियों को आबादी की तरफ आने वाले वन्य प्राणियों पर पैनी निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं। आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक देखते ही उन्हें पकड़कर जंगलों में सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने को कहा गया है।