श्रीनगर। विकासखंड कोट की ग्राम पंचायत नकोट के विल्वकेदार तोक के 150 परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। विभाग आज तक यहां पेयजल योजना का निर्माण नहीं करा पाया है।
श्रीनगर शहर से करीब चार किलोमीटर दूर श्रीनगर-देलचौरी मोटर मार्ग पर अलकनंदा नदी के तट से सटे विल्वकेदार धीरे-धीरे कस्बे का रूप ले रहा है। शहर से सटा होने के कारण यहां आबादी तेज से बढ़ रही है। तोक के लिए पेयजल योजना का निर्माण न होने से लोग वर्षों से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं।
स्थानीय निवासी उम्मेद सिंह मेहरा, संजय भट्ट, बादर सिंह, जोत सिंह पंवार और दिलबर सिंह बताते हैं कि पेयजल आपूर्ति के लिए ग्रामीणों ने कुछ वर्ष पूर्व अपने खर्च पर गदेरे से पाइप जोड़कर पानी की व्यवस्था की थी, लेकिन अब यह व्यवस्था जवाब देने लगी है। कुछ वर्ष पूर्व तक घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कालेज की पंपिंग पेयजल योजना से भी ग्रामीणों को पानी दिया जाता था, वह भी कई साल से बंद है। ग्राम प्रधान रजनी नेगी का कहना है कि ग्राम पंचायत नकोट के विल्वकेदार तोक के लिए कोई पेयजल योजना नहीं बनी है। ग्राम पंचायत के अन्य तोक दिगोली व धनचड़ा में निर्मित पेयजल योजना काफी जर्जर हो गई हैं। इन तोकों में भी तीन दिन के अंतराल पर पेयजल आपूर्ति होती है। तीनों तोक में एक हजार से ऊपर परिवार निवास करते हैं।
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ग्राम पंचायत नकोट के लिए पेयजल योजना का प्रस्ताव जिला प्लान में सम्मिलित किया गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर योजना का काम करा दिया जाएगा।
एससी पेटवाल
अधिशासी अभियंता, जल निगम पौड़ी।