ट्रैक्टर ट्रॉलियों में भौतिक परिवर्तन कर मानकों से अधिक ऊंचाई और हाइड्रोलिक सिस्टम लगाने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर ट्रॉलियों का व्यावसायिक उपयोग नहीं हो सकेगा। अवैध खनन में पकड़े जाने पर खनन नियमावली के साथ ही उन पर परिवहन विभाग की ओर से भी दोहरी कार्रवाई और दोहरा जुर्माना लगेगा। एसडीएम ने तहसील प्रशासन, कोतवाली पुलिस और एआरटीओ को इस बारे में दिशा निर्देश दिए हैं।
उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा ने कहा कि अवैध रूप से ट्रैक्टर ट्रॉली में हाइड्रोलिक सिस्टम लगाए गए हैं और ट्रॉलियों की भौतिक बनावट में भी बदलाव किया गया है। वाहन स्वामियों ने अवैध खनन एवं परिवहन करने के लिए ट्रॉलियों की ऊंचाई मानक से अधिक बढ़ाई है। अवैध खनन में पकड़ी गई अधिकांश ट्रैक्टर ट्रॉलियां कृषि कार्य में पंजीकृत हैं, जबकि इनका प्रयोग कृषि कार्यों के बजाय अवैध रूप से खनन और वाणिज्यिक गतिविधियों में किया जा रहा है। ये दोनों कार्य मोटर व्हीकल एक्ट में दंडनीय अपराध हैं। जिला खनन समिति की 30 सितंबर को हुई बैठक में डीएम ने अवैध खनन एवं परिवहन में पकड़े गए वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।