संवाद न्यूज एजेंसी (पड़ताल)
दो विभागों में तकरार, सड़क-पानी की समस्या हो रही अपार
कोटद्वार। शहर में जगह-जगह लीक हो रहीं भूमिगत पेयजल पाइप लाइनों की मरम्मत और नई लाइन बिछाने का कार्य रोड कटिंग अनुमति न मिलने से अटक गया है। हल्दूखाता और मोटाढाक क्षेत्र में दो पेयजल योजनाएं रुकी रहने से हजारों लोग जल संकट से जूझ रहे हैं।
जल संस्थान द्वारा दोनों क्षेत्रों में पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन लोक निर्माण विभाग की अनुमति न मिलने पर कार्य रोकना पड़ा। अधिशासी अभियंता जल संस्थान अभिषेक वर्मा के अनुसार हल्दूखाता में केवल डेढ़ किमी और मोटाढाक में दो किमी पाइप लाइन डाली जानी है, जबकि जिन मार्गों पर लाइन बिछानी है, वहां अधिकतर हिस्सा कच्चा है, फिर भी अनुमति नहीं मिल रही।
बेलाडाट, देवी मंदिर क्षेत्र, शिवपुर मार्ग, बीईएल रोड और भाबर क्षेत्र सहित लगभग 20 स्थानों पर पुरानी पाइप लाइनों के रिसाव से सड़कें टूट रही हैं और दबाव कम होने के कारण कई घरों में पानी नहीं पहुंच रहा, साथ ही दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें भी मिल रही हैं। स्थानीय निवासियों ने तत्काल मरम्मत और स्वच्छ जलापूर्ति की मांग की है।
अभिषेक वर्मा ने बताया कि रोड कटिंग के लिए विभाग को 42 लाख और 24 लाख रुपये जमा कराने को कहा गया है, जिसके बिना अनुमति नहीं मिल रही और नए कनेक्शन भी जारी नहीं हो पा रहे।
वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह का कहना है कि कोई अवरोध नहीं है। जल संस्थान को सरकार के नियमों के अनुरूप ऑनलाइन आवेदन कर रोड कटिंग शुल्क जमा करना होगा, जिसके बाद कार्य शुरू किया जा सकता है।