आउटसोर्सिंग के जरिए मेट एवं बेलदार पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्लाओं ने एनएच कार्यालय धुमाकोट तिमलदुरा पर धरना-प्रदर्शन किया।
विभागीय अधिकारियों ने अप्रैल माह में स्थानीय गुरिल्लाओं की नियुक्ति का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ।
एनएच कार्यालय धुमाकोट तिमलदुरा में धरनास्थल पर गुरिल्लाओं को संबोधित करते हुए गुरिल्ला संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड कार्यालय धुमाकोट में विगत वर्ष कुल 56 पदों पर बेलदार एवं मेट की नियुक्ति होनी थी।
इनमें शासनादेश के अनुरूप वरीयता देते हुए सभी पदों पर गुरिल्लाओं की नियुक्ति की जानी थी। किंतु विभागीय अधिकारियों एवं आउटसोर्सिंग एजेंसियों की मनमानी के चलते तब एक भी गुरिल्ला को नियुक्ति नहीं मिल पाई।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, ईको टास्क फोर्स, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों में भी गुरिल्लाओं को वरीयता देते हुए नियुक्ति की मांग शासन पूरी करे। इसके अतिरिक्त उम्रदराज गुरिल्लाओं अथवा मृतकों के परिजनों को पेंशन प्रदान की जाये।
धरनास्थल पर पहुंचे नेशनल हाईवे के सहायक अभियंता रविशंकर यादव द्वारा अप्रैल माह में स्थानीय गुरिल्लाओं को वरीयताक्रम में नियुक्ति का आश्वासन देने पर धरना-प्रदर्शन समाप्त किया गया। गुरिल्लाओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्यवाई न की गई तो फिर उग्र आंदोलन किया जायेगा। इस अवसर पर गुरिल्ला संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष चमन सिंह बिष्ट, महाबीर सिंह गुसाईं, आनंद सिंह, शिशुपाल सिंह, महीपाल सिंह, महेंद्र सिंह, कृपाराम, नरेंद्र सिंह, विजयपाल सिंह, सुदामालाल, कमलादेवी, कांतीदेवी और साबादेवी आदि थे।