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नदियों से घिरा होने के बाद भी पानी नहीं

Tue, 05 Jul 2016 11:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला श्रीनगर
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अलकनंदा और भागीरथी नदी के संगम पर स्थित देवप्रयाग नदियों से घिरा होने के बावजूद इन दिनों पानी के लिए तरस रहा है। यहां जब भी बारिश होती है, पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है। कस्बे में हैंडपंप हैं, लेकिन वह इतने दूर हैं कि लोग नदियों का गंदला जल पीने को मजबूर हैं। पेयजल किल्लत से निजात दिलाने के लिए एडीबी सहायतित पेयजल योजना मरम्मत भी दो माह से अधर में है।
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मौजूदा समय में देवप्रयाग कस्बे में दो पेयजल योजनाओं से जलापूर्ति होती है। इनमें दीवानीगाड़ पेयजल योजना करीब चार दशक पुरानी है और रांदीगाड़  ढाई दशक पुरानी है। दीवानीगाड़ योजना अपनी निर्धारित आयु पूरी कर चुकी है। जल संस्थान दोनों योजनाओं की मरम्मत में लाखों खर्च करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया।

दिक्कत यह है कि हल्की सी बारिश में दोनों पेयजल योजनाओं से कुछ घंटे तक गंदा पानी टपकता है। इसके बाद मलबे से पाइप लाइन चोक होने से कस्बे की जलापूर्ति ठप हो जाती है। यहां बता दें कि एडीबी के सहयोग से जल संस्थान करीब तीन करोड़ से नई पाइप लाइन बिछा रहा था, लेकिन दो माह पहले नगर पंचायत के ऐतराज से यह काम रुका हुआ है।
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नगर पंचायत सभासद विद्यार्थी पालीवाल और सुशांत बडोला का कहना है कि बारिश होने पर हमेशा पानी की किल्लत हो जाती है। 15 वर्षों से चुनावों के दौरान देवप्रयाग कस्बे के लिए पंपिंग पेयजल योजना का मुद्दा उठता रहा है। मौजूदा पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने भी वादा किया था, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
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बारिश में मलबे से आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। डेढ़ किमी पाइप लाइन गदेरे से जा रही है। इससे फिल्टर चोक होने पर समस्या हो रही है।
-  ज्योति कोटनाला, अवर अभियंता जल संस्थान
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