विभागीय आदेशों के बावजूद राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय धारीढुंडसिर में चिकित्सक व फार्मासिस्ट के मौजूद न रहने पर ग्रामीणों ने कड़ा आक्रोश जताया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि 15 दिन के भीतर यदि चिकित्सक व फार्मासिस्ट पर उचित विभागीय कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में सीएमओ को अवगत करा दिया गया है।
विकासखंड के दूरस्थ गांव धारीढुंडसिर स्थित एलोपैथिक चिकित्सालय में तैनात फार्मासिस्ट कई वर्षों से श्रीदेव सुमन संयुक्त चिकित्सालय नरेंद्रनगर संबंद्ध थे। वहीं यहां नियुक्त चिकित्सक भी अन्यत्र सुविधाजनक स्थान पर संबद्ध किए गए थे। इस संबंध में अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने पर स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों पर चिकित्सक व फार्मासिस्ट की संबंद्धता समाप्त कर मूल कार्य स्थल पर तैनाती दिए जाने के निर्देश दिए गए थे।
ढुंडसिर जनकल्याण विकास समिति के अध्यक्ष चंद्रमोहन सिंह चौहान ने कहा कि मंत्री के निर्देश पर चिकित्सक व फार्मासिस्ट ने अपने मूल तैनाती स्थल धारी ढुंडसिर में ज्वाइनिंग तो दी, लेकिन केवल एक दिन। रावत ने बताया कि ज्वाइनिंग दिए जाने के तीन माह बीत जाने के बाद भी आज तक चिकित्सक व फार्मासिस्ट यहां वापस नहीं लौटे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सक न होने से करीब 10 हजार की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं मे महरूम है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर चिकित्सक व फार्मासिस्ट पर उचित विभागीय कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं सीएचसी कीर्तिनगर के चिकित्साधिकारी डा. रविंद्र सिंह राणा ने कहा कि उक्त दोनों कर्मचारियों को मौखिक रूप से नियमित कार्यस्थल पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए थे। ग्रामीणों की शिकायत पर उक्त मामले से सीएमओ को अवगत करा दिया गया है, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।